गुरुग्राम सिग्नेचर सोसाइटी हादसे की रिपोर्ट में बड़े खुलासे:मिट्‌टी ढही, फिर भी काम जारी रखा; बिना सेफ्टी इंतजाम रात में लगे रहे मजदूर

हरियाणा के गुरुग्राम में 135 एकड़ में बसाई जा रही सिग्नेचर ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स सोसाइटी में 7 मजदूरों की मौत के बाद की गई जांच में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। लेबर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर सुमित कुमार और मानेसर SDM दर्शन यादव ने निरीक्षण के बाद अलग-अलग रिपोर्ट दी हैं। लेबर डिपार्टमेंट की रिपोर्ट में जिक्र है कि साइट पर रात के समय भी मजदूर काम कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। STP प्लांट की खुदाई के लिए बिना किसी रिटेंशन वॉल, पाइलिंग, ब्रेसिंग या शोरिंग के ही 30 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा खोदा गया। मिट्टी की दीवारें कच्ची थीं, कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं था। कच्ची दीवार का काफी हिस्सा हादसे से पहले गिर चुका था, लेकिन बिल्डर और ठेकेदार ने काम नहीं रुकवाया। DC अजय कुमार ने मानेसर SDM दर्शन यादव की अगुआई में चार सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसे जांच करके एक हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने कंपनी और कॉन्ट्रेक्टर कंपनी समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। असिस्टेंट डायरेक्टर की रिपोर्ट में 6 बड़ी खामियों का जिक्र… 9 मार्च की शाम 7 बजे हुए हादसा 9 मार्च की शाम 7 बजे ग्लोबल सिग्ननेचर सोसाइटी में STP प्लांट के निर्माण कार्य के दौरान मिट्‌टी खिसक गई थी। हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए। बिलासपुर थाना पुलिस ने मृतक सुपरवाइजर सतीश यादव के भाई की शिकायत पर 6 लोगों पर मामला दर्ज किया। मंगलवार को पुलिस ने प्रोजेक्ट मैनेजर दिनेश वीर और स्ट्रक्चर इंजीनियर विकास पांडे को गिरफ्तार कर लिया। अब ‘सिटी ऑफ कलर्स’ के बारे में जानिए…. इंफ्रास्ट्रक्चर: टाउनशिप में 52 एकड़ से ज्यादा ग्रीन व ओपन स्पेस, चौड़ी इंटरनल रोड्स और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रावधान है। औद्योगिक प्लॉट्स 478 से 3348 वर्ग गज तक, जबकि आवासीय प्लॉट्स 123 से 179 वर्ग गज तक के हैं। ——————————— ये खबर भी पढ़ें :- 7 मजदूरों की मौत छिपाने की कोशिश:गुरुग्राम से भिवाड़ी भेजे शव, सोसाइटी के बाहर बाउंसर तैनात किए; पुलिस के पास राजस्थान से आई सूचना गुरुग्राम की ‘सिग्नेचर ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स’ सोसाइटी में सोमवार रात मिट्टी ढहने से 7 मजदूरों की मौत के मामले में अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि 10-11 मजदूरों के मिट्टी के नीचे दबने के बाद बिल्डर और ठेकेदार ने प्रशासनिक मदद लेने की बजाय घटना को दबाने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर…

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