कनाड़ा भेजने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। करनाल के गांव सदरपुर के एक युवक को कनाडा भेजने का झांसा देकर एजेंटों ने पहले उसे कजाकिस्तान भेज दिया और वहां बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की। आरोपियों ने युवक के परिजनों से 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी और मारपीट का वीडियो दिखाकर दबाव बनाया। परिजनों ने कर्ज लेकर 10 लाख रुपए दे दिए। बाद में पैसे लेने आए चार लोगों में से दो को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्टाग्राम पर विदेश भेजने का विज्ञापन देखकर किया संपर्क गांव सदरपुर निवासी बलकार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मेरा बेटा कनाडा घूमने के लिए जाना चाहता था। बेटे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर विदेश भेजने का एक विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में राय इमिग्रेशन, गांव मियानी, जिला जालंधर (पंजाब) का पता और मोबाइल नंबर दिए गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने इमिग्रेशन के नंबर पर संपर्क किया, जहां उनकी बात मनप्रीत नाम के व्यक्ति से हुई। बाद में मनप्रीत ने उन्हें जशन नामक व्यक्ति से मिलवाया। जशन ने निखिल को कनाडा भेजने के लिए 22 लाख रुपए में सौदा तय किया। 28 फरवरी को दिल्ली एयरपोर्ट से विदेश रवाना हुआ युवक शिकायतकर्ता ने बताया कि एजेंटों ने उनके बेटे के सभी दस्तावेज ऑनलाइन मंगवा लिए। इसके बाद 28 फरवरी की रात करीब 8 बजे बेटे को दिल्ली हवाई अड्डे पर बुलाया गया और साथ में 500 डॉलर ले जाने को कहा गया। परिजनों ने 500 डॉलर निखिल को दे दिए और वह हवाई जहाज से विदेश रवाना हो गया। निखिल के साथ हमराज नाम का एक और युवक भी गया था। उस दौरान एजेंटों की तरफ से लगातार फोन पर संपर्क बना रहा। कनाडा की जगह कजाकिस्तान भेजकर बनाया बंधक बलकार ने बताया कि बाद में पता चला कि एजेंटों ने निखिल की उड़ान मुंबई से कजाकिस्तान के लिए बुक करवाई थी। वहां एयरपोर्ट पर सोनू नाम का व्यक्ति निखिल को लेने आया और कहा कि तीन घंटे के लिए होटल में रुकना होगा। परिजनों के अनुसार, इसके बाद निखिल को बंधक बना लिया गया। आरोपियों ने उसे ब्लेड से काटने, मुंह पर टेप लगाने और उल्टा लटकाकर मारपीट करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने फोन कर 20 लाख रुपए की मांग की। मारपीट का वीडियो दिखाकर वसूले 10 लाख रुपए परिवार के अनुसार आरोपियों ने निखिल के साथ मारपीट का वीडियो दिखाकर पैसे देने का दबाव बनाया। बेटे की जान बचाने के लिए बलकार ने कर्ज लेकर 10 लाख रुपए खाते में भेज दिए। इसके बावजूद निखिल को नहीं छोड़ा गया और वह अभी भी कजाकिस्तान के अल्माटी शहर में फंसा हुआ है। पैसे लेने आए चार लोग, दो ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपे बलकार सिंह ने बताया कि 2 मार्च को चार लोग गांव सदरपुर पैसे लेने पहुंचे थे। ग्रामीणों को शक होने पर उन्होंने उनमें से दो लोगों को पकड़ लिया और घरौंडा थाना पुलिस को सौंप दिया, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों ने बताया कि निखिल उनका इकलौता बेटा है और उसे कनाडा भेजने के लिए उन्होंने कर्ज लेकर पैसे जुटाए थे। अब फिरौती के रूप में भी 10 लाख रुपए कर्ज लेकर ही दिए गए हैं। विदेश भेजने वाले एजेंटों का इसमें हाथ है। इन आरोपियों को पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और मेरे इकलौते बेटे को वापिस लाए। शिकायत पर मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी पुलिस के अनुसार इस मामले में बलकार की शिकायत पर 9 मार्च को घरौंडा थाने में मनप्रीत, जश्न, परमिंदर कौर और सोनू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर उमेश को सौंपी गई है। वहीं कार्यकारी थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि विदेश भेजने के नाम पर युवक को बंधक बनाकर फिरौती मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। युवक के परिवार से सभी रिकॉर्ड क्लेक्ट किया जा रहा है और उसके आधार पर आगामी जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश के साथ युवक को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।