यूपी में बारिश का अलर्ट, 15 शहरों में धुंध छाई:विजिबिलिटी 30 मीटर पहुंची; बांदा सबसे गर्म, पारा 38 डिग्री

यूपी में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सीजन में पहली बार तापमान 38°C के पार पहुंच गया है। बुधवार सुबह लखनऊ, कानपुर समेत प्रदेश के 15 शहरों में धुंध छाई रही। प्रयागराज में विजिबिलिटी घटकर सिर्फ 30 मीटर तक रह गई। इस बीच, मौसम विभाग ने आज पूर्वांचल में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4°C दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी, आगरा और हमीरपुर में भी तेज धूप देखने को मिली। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- बढ़ते तापमान और हवा में नमी की वजह से सुबह कोहरा और दिन में धुंध जैसे हालात बन रहे हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और इजाफा हो सकता है। कई इलाकों में पारा 40°C तक पहुंचने की आशंका है। 15 मार्च के बाद मौसम और बिगड़ सकता है, इस दौरान बारिश हो सकती है। मौसम की तस्वीरें-
पहले 4 बड़े शहरों का हाल जानिए- अब अन्य शहरों का हाल जान लीजिए- किसानों के लिए हल्की बारिश फायदेमंद डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। किसानों के लिए मौसम मिलाजुला असर डाल सकता है। हल्की बारिश जहां फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, वहीं तेज गर्मी और हवाओं से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। 4 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम अचानक धुंध की एक और वजह? मार्च में ही क्यों बढ़ रही है गर्मी? स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। गर्मी पहले की तुलना में जल्दी शुरू हो रही है। इसका असर यह है कि अब तापमान ज्यादा तेजी से बढ़ने लगा है। गर्म दिनों की संख्या भी बढ़ रही है। कई बार लू (हीटवेव) का दौर भी पहले से ज्यादा दिनों तक चलता है। बीते कुछ सालों में देश के कई शहरों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड भी टूटे हैं। कुछ जगहों पर तापमान 48 डिग्री से ऊपर तक दर्ज किया गया है। लंबे समय तक चल सकती है हीटवेव IMD के अनुमान के अनुसार, इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। कब मानी जाती है हीटवेव? मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए या फिर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी से फसलों को होगा नुकसान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में कृषि विभाग के प्रोफेसर पीके सिंह कहते हैं- मार्च महीना किसानों के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है। तापमान बढ़ने का असर रबी की फसल पर पड़ेगा, खासतौर गेहूं पर। गर्मी से दाने पूरी तरह विकसित नहीं होंगे। इससे पैदावार कम होगी। पीके सिंह के अनुसार, गर्म हवाएं चलने से सरसों, चना और मटर जैसी फसल को भी नुकसान हो सकता है। बढ़ते तापमान से खेतों की मिट्टी जल्दी सूख जाती है। इससे सिंचाई का खर्च बढ़ता है। फसलों पर तनाव पड़ता है। ———————–
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