अमित शाह के दौरे से पहले भारत-अमेरिका डील मुद्दा गर्माया:14 को मोगा में रैली, पंजाब में यह मुद्दा फेर सकता भाजपा की उम्मीदों पर पानी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 14 मार्च को पंजाब के मोगा में बदलाव रैली में हिस्सा लेने आ रहे हैं, लेकिन उनके दौरे से ठीक पहले पंजाब में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का मुद्दा गर्माने लगा है। भाजपा के विरोधी दलों ने अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले भाजपा को घेरने के लिए बिसात बिछानी शुरू कर दी। आम आदमी पार्टी व कांग्रेस ट्रेड डील का मुद्दा उठा रहे हैं ताकि किसानों को फिर से भाजपा से दूर रखा जा सके। आप-कांग्रेस अगर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के मुद्दे को गर्म रखने में कामयाब रहे तो भाजपा की 2027 में सरकार बनाने की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। इसीलिए आप व कांग्रेस ट्रेड डील के मुद्दे को उठाने में लगे हुए हैं। पंजाब सरकार ने विधानसभा में भारत अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करवाने से संबंधित प्रस्ताव पेश किया। आप व कांग्रेस ने मिलकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करवाने का प्रस्ताव पंजाब विधानसभा में पास भी करवा दिया। वहीं भाजपा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए आप सरकार पर तंज कसा है कि जिस डील पर अभी हस्ताक्षर ही नहीं हुए जमीन पर ही नहीं उतरी उसे पंजाब सरकार कैसे रद्द करवा सकती है? भारत-अमेरिका ट्रेड डील के प्रस्ताव पर एकजुट दिखी कांग्रेस-आप पंजाब विधानसभा में जब कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील से खेतीबाड़ी पर होने वाले प्रभावों और इसे रद्द करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा से लेकर सरकार के मंत्री व मुख्यमंत्री एकजुट दिखे। सीएम व मंत्री बोले, राज्य का किसान हो जाएगा बर्बाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए सरकार के मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी ने कहा कि ट्रेड डील का सबसे बुरा असर पंजाब के किसानों पर होगा। इसलिए किसानों को भाजपा की केंद्र सरकार का जमकर विरोध करना चाहिए। बाजवा बोले, किसानों को बॉर्डर पार करने में मदद करे सरकार नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार के प्रस्ताव पर कहा कि उन्हें किसानों पर लाठी चार्ज नहीं करनी चाहिए और किसान अगर हरियाणा बॉर्डर पार करना चाहते हैं तो आप सरकार उनकी मदद करे। ग्रामीण मतदाताओं में भाजपा के प्रति नाराजगी कम हुई किसान आंदोलन के समय से पंजाब के ग्रामीण मतदाताओं ने भाजपा से पूरी दूरी बना दी थी। हालात यहां तक हो गए थे कि किसान संगठनों ने भाजपा नेताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में घुसने तक नहीं दिया। कुछ समय से भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रही है और किसानों को केंद्रीय योजनाओं के फायदे गिना रहे हैं। ग्रामीण मतदाताओं में अब भाजपा के प्रति नाराजगी कमहो गई है, लेकिन ट्रेड डील को लेकर फिर से किसान संगठन केंद्र सरकार का विरोध करने की योजना बनाने लग गए हैं। 115 एकड़ में होगी अमित शाह की रैली केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू का कहना है कि यह ऐतिहासिक रैली होगी। उनका कहना है कि पंजाब के शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों से रैली में लोग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह रैली 115 एकड़ से ज्यादा एरिया में हो रही है। बिट्टू का कहना है कि पंजाब के किसान व ग्रामीण मतदाता अब इनके झांसे में नहीं आएंगे। बिट्‌टू का कहना है कि मोगा रैली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सरकार पहले ही सभी को आश्वस्त कर चुकी है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। भाजपा रैली को सफल बनाने में जुटी मोगा रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश के प्रधान सुनील जाखड़, कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा समेत तमाम नेता इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास पर हैं और लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि ग्रामीण खुद इस रैली में शामिल होने के प्रति उत्साहित हैं।

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