मलेरकोटला में जिहादी गतिविधियों की साजिश बेनकाब:3 युवक काबू, पाकिस्तानी प्रचारकों से थे प्रभावित, देसी पिस्टल-कारतूस बरामद

पंजाब के मलेरकोटला जिले से बड़ी खबर सामने आई है। मलेरकोटला पुलिस ने भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होकर जिहादी साजिश रचने की योजना बना रहे तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई एसएसपी मलेरकोटला के दिशा-निर्देशों पर की गई। एसपी (लोकल) गुरशरणजीत सिंह संधू की अगुवाई में CIA इंचार्ज इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह और साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनजोत सिंह की टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैला रहे थे कट्टरपंथी विचारधारा पुलिस के मुताबिक साइबर क्राइम थाना मलेरकोटला में मुखबिरी के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी फरहान अंजुम पुत्र इरफान अंजुम निवासी मोहल्ला लुहारा मलैर, मोती बाजार के पास, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैला रहा था। वह युवाओं को जिहादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा था। पाकिस्तानी धार्मिक प्रचारकों की वीडियो देखकर हुए प्रभावित पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान के धार्मिक प्रचारकों डॉ. इसरार अहमद और यूसुफ पसरोरी के भड़काऊ वीडियो देखकर प्रभावित हुआ था और जिहाद करने की सोच बनाने लगा। इसके बाद उसने अपने दो साथियों अदनान खान उर्फ नन्नू और वारिस अली को भी इस साजिश में शामिल कर लिया। दुबई से हुई फडिंग पुलिस के अनुसार आरोपियों को दुबई से करीब 2500 रुपए की फंडिंग भी मिली थी। इसके बाद उन्होंने कुछ लोगों की हत्या करने की योजना बनाई थी, ताकि वह इस घटना के जरिए मशहूर हो सकें। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान वारिस अली के पास से 32 बोर का देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा चार मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच के दौरान इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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