इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) के सीनियर नेताओं पर गंभीर आरोप लगाने वाली कांग्रेस नेत्री सुचित्रा देवी को पार्टी से बाहर कर दिया गया है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने उनके निष्कासन के ऑर्डर जारी किए हैं। सुचित्रा देवी ने पार्टी नेताओं पर रेवाड़ी जिले की बावल विधानसभा सीट पर टिकट के लिए करीब 7 करोड़ रुपए ऐंठने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर टिकट के लिए पैसे देने के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिया गया। हाल ही में सुचित्रा देवी और उनके पति गौरव कुमार ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से वीडियो जारी कर यह आरोप लगाए थे। पति ने दिल्ली पुलिस को दी शिकायत उनके पति गौरव कुमार ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने के लिए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को 3 पेज का पत्र भी लिखा है, जिसमें कांग्रेस नेताओं को टिकट के लिए दिए गए पैसों का पूरा ब्योरा दर्ज है। हालांकि पुलिस ने अभी मामला दर्ज नहीं किया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है, जल्द ही केस दर्ज करने की तैयारी पुलिस कर सकती है। शिकायत में कई बड़े नेताओं के नाम सुचित्रा के पति गौरव कुमार की ओर से दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को एफआइआर दर्ज कराने को जो शिकायती पत्र भेजा गया है, उसमें कहा गया है कि कांग्रेस के कई नामचीन नेताओं और उनके निजी सचिवों ने बावल विधानसभा क्षेत्र से टिकट देने के नाम पर करोड़ों रुपए लिए, लेकिन फिर भी टिकट नहीं दिया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर को वॉट्सएप चैट समेत अन्य दस्तावेज भी भेजे गए हैं। निष्कासन की ये बताई वजहें हरियाणा महिला कांग्रेस की नव नियुक्त अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने सुचित्रा देवी को अनुशासनहीनता और मिथ्या आरोप लगाने का हवाला देते हुए पार्टी से निकाला है। सुचित्रा देवी की मीडिया सामने आने के बाद हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा था कि चुनाव होने के करीब डेढ़ साल के बाद वे अब मीडिया में आई हैं। इससे उनके आरोपों की सच्चाई का पता चलता है। विधानसभा चुनाव के दौरान कई जिलों में टिकटों के आवंटन में भेदभाव के आरोप लगे थे। तब तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया की तबीयत भी खराब हो गई थी और उन्हें टिकट के मजबूत दावेदारों को कहना पड़ा था कि वे उन्हें टिकट नहीं दिला पा रहे हैं और लाचार हैं। सुचित्रा बोलीं- 19 दिन पहले ही दे चुकीं हूं इस्तीफा पार्टी से निकाले जाने के बाद सुचित्रा देवी ने कहा- मैं 19 दिन पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे चुकी हूं तो निष्कासित करने का सवाल ही नहीं उठता। महिला प्रदेश अध्यक्ष से कहा है कि पर्ल जी अभी कुछ साल पहले फॉरेन से आईं हैं, उन्हें अभी राजनीति की ट्यूशन लेनी चाहिए। उन्हें जमीनी तौर पर काम करना अभी सीखना पड़ेगा। पर्ल चौधरी जी को हिंदुस्तान की राजनीति की समझ नहीं है।उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना पड़ेगा। वहीं सुचित्रा का यह भी कहना है कि एक शहीद परिवार के बच्चे पॉलिटिकल में बहुत कम इंवॉल्व होते हैं। उन्होंने कहा है कि एमएलए एमपी के बच्चों को टिकट दे दी जाए तो सब कुछ ठीक होता है, लेकिन एक शहीद परिवार की बेटी ने अपना हक मांग लिया तो उसे निष्कासित होने की बात कर रहे हैं।