जननायक जनता पार्टी (JJP) की आज (शुक्रवार को) रैली होनी हैं। इसे लेकर सिरसा से पार्टी कार्यकर्ता एवं नेता रैली के लिए रवाना होंगे। शुक्रवार सुबह ही सभी कार्यकर्ता एवं नेता पार्टी मुख्यालय पर एकजुट होंगे। ज्यादातर कार्यकर्ता अपने-अपने गंतव्यों से ही हांसी रैली के लिए रवाना होंगे, ताकि रैली स्थल में भीड़-भाड़ की स्थिति न हो। पार्टी की ओर से दावा किया जा रहा है कि करीब 8 से 9 हजार लोग सिरसा से हांसी रैली के लिए रवाना होंगे। सूत्रों की मानें तो जजपा सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला इस रैली के माध्यम से अगला चुनाव लड़ने की भी घोषणा कर सकते हैं। लोकसभा या विधानसभा में किस सीट से, ये अभी तय नहीं हुआ है। हालांकि, जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला का भी पिछले दिनों निजी सोशल मीडिया चैनल पर दिए इंटरव्यू में बयान आया था कि सजा के चलते जो चुनाव लड़ने की बंदिशे लगी थी, वो इस साल 2025 के अंत तक हट जाएंगी। इसके बाद वे भी चुनाव लड़ सकते हैं। 2026 में वे ही पार्टी चुनाव का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने ये नाम नहीं लिया था कि किस सीट से चुनाव लड़ेंगे और वो कर्मभूमि कौनी जगह होगी। इस रैली में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला और अन्य हरियाणवी व पंजाबी कलाकार पहुंचेंगे। ये रैली अजय चौटाला के जन्मदिन पर रखी है। ऐसे में कई पंजाबी-हरियाणवी कलाकारों और क्रिकेटर गौतम गंभीर, युवराज सहित अन्य ने वीडियो जारी कर उनको जन्मदिन की बधाई दी है। इस खबर को बाद में अपडेट किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं की लगाई ड्यूटियां : जिलाध्यक्ष
जजपा से सिरसा जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा का कहना है कि रैली के लिए शुक्रवार सुबह सिरसा से करीब 8 से 9 हजार लोग जाएंगे। इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है और कार्यकर्ताओं की ड्यूटी तय कर दी है। पार्टी के लगभग कार्यकर्ता अपने-अपने गंतव्यों से ही गाड़ी लेकर रवाना होंगे।
जजपा की एक साल के दौरान दूसरी बड़ी रैली जजपा की एक साल के वक्त के दौरान ये दूसरी बड़ी रैली है। करीब तीन माह पहले जजपा ने जींद के जुलाना में रैली की थी, उसमें दुष्यंत चौटाला ने थार में सवार होकर एंट्री ली थी और महिला थार को चला रही थी। उस वक्त हरियाणा के तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह द्वारा थार और बुलेट गाड़ियों के चालकों को कथित ‘बदमाश’ कहे जाने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और जींद व जुलाना की जेजेपी रैलियों में इस पर निशाना साधा। चौटाला ने पलटवार करते हुए खुद थार चलाकर रैली में शिरकत की और इसे तानाशाही बताया। इससे वह विवादों में रहे और पूर्व डीजीपी ने एक्शन लेते हुए अगले ही दिन जजपा के कई नेताओं की सिक्योरिटी हटा दी थी, जिस पर काफी सियासी बवाल हुआ था। अब फिर चर्चा है कि रैली में क्या खास रहेगा।