मोहाली कोर्ट ने आतंकी संगठन खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स (KLF) से जुड़े 2 आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है। कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं। ये एक्टिव रोल निभाग रहे थे। कई महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही बाकी है। अगर जमानत दी तो ये सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। इस स्टेज पर इन्हें जमानत देने का आधार नहीं बनता। दोनों आरोपी सागर मसीह उर्फ राजा और आशीष उर्फ गोपी गुरदासपुर के कोटला व घौट के रहने वाले हैं। उन पर 2023 में केस दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी के वक्त उनसे हथियार भी बरामद किए गए थे। 3 साल पहले दर्ज हुआ था केस स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल मोहाली ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जुलाई 2023 में मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों पर धारा 120B, 153, 153A आईपीसी, आर्म्स एक्ट की धारा 25(7), 25 और यूएपीए एक्ट की धारा 17, 18, 20 के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के दौरान आशीष गोपी से एक 32 बोर पिस्तौल और 3 जिंदा कारतूस, जबकि सागर मसीह से एक 32 बोर पिस्तौल, 2 कारतूस और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के 15 पर्चे बरामद हुए थे। दो लाख रुपए के लिए कर रहे थे काम गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि आरोपी अलगाववादी विचारधारा से प्रभावित होकर राज्य में भय और तनाव का माहौल बनाना चाहते थे। इनके निशाने पर हिंदू समाज, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी, और राजनेता थे। इन्होंने इस काम के लिए दो लाख रुपए लिए थे। पूछताछ के बाद दो साथी गिरफ्तार पुलिस पूछताछ में आशीष ने बताया था कि हरजीत सिंह ने यह पैसे दिए थे। उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हरजीत सिंह ने 68 हजार रुपए अमरिंदर सिंह को दिए थे। उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।