राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर सता रहा है। इसके चलते उसने ओडिशा और हरियाणा में अपने सभी विधायकों को बचाने के लिए रिजॉर्ट में रखने का फैसला किया है। ओडिशा कांग्रेस के 8 विधायकों को बेंगलुरु भेजा गया है। जो दक्षिण बेंगलुरु के वंडरला रिजॉर्ट में ठहरे हैं। 6 विधायक विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर में ही मौजूद हैं। शनिवार सुबह तक चार और MLA बेंगलुरु पहुंच सकते हैं। इससे पहले चीफ व्हिप राजेन एक्का समेत 6 विधायक गुरुवार रात परिवार समेत बेंगलुरु पहुंच गए हैं। उधर, हरियाणा में 2 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधायकों को लंच पर बुलाया गया। सूत्रों के मुताबिक इन विधायकों को 5 जोड़ी कपड़े साथ लाने कहा गया। 10 राज्यों की 37 सीटों को भरने के लिए ‘काउंसिल ऑफ स्टेट्स’ (राज्यसभा) के हर 2 साल में होने वाले चुनावों के लिए वोटिंग 16 मार्च को होनी है। वोटों की गिनती उसी दिन शाम 5 बजे होगी। हरियाणा के विधायकों को हिमाचल भेज रही कांग्रेस हरियाणा में हो रही हलचल के बीच दोपहर 1 बजे तक कांग्रेस के सभी 37 विधायक पहुंच गए, हालांकि कुछ ही देर बाद पंचकूला विधायक चंद्रमोहन बैठक से बाहर निकल गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। वहीं, लंबे समय से अस्पताल में भर्ती पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास बैठक छोड़कर अस्पताल चले गए। फिरोजपुर झिरका विधायक मामन खान नमाज पढ़ने के लिए बैठक से निकले। सूत्रों की मानें तो सभी विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेजा जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश की सरकार को प्रदेश में एक गोपनीय और सुरक्षित स्थान ढूंढने को कहा है। हुड्डा आवास के अंदर 2 लग्जरी बसें भी खड़ी हैं। विधायकों को बस में बिठा दिया गया है। बादली विधायक कुलदीप वत्स ने हुड्डा आवास से निकलकर कहा- “मैं हिमाचल नहीं जाऊंगा। घर में शादी का कार्यक्रम है।” राज्यसभा की 2 सीट पर जीत के लिए 31 कोटा वोट जरूरी है। भाजपा के पास 48 और कांग्रेस के 37 विधायक हैं। इस गणित से दोनों दलों के खाते में एक-एक सीट जानी थी। भाजपा ने सांसद संजय भाटिया तो कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को प्रत्याशी बनाया। भाजपा नेता सतीश नांदल निर्दलीय मैदान में उतरे। पहले चर्चा थी कि वो नाम वापस लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस को डर है कि कुछ वोट इधर-उधर हो सकते हैं। निर्दलीय नांदल तभी जीत सकते हैं यदि कांग्रेस के 9 विधायक क्रॉस वोट करें। पढ़ें पूरी खबर… ओडिशा में 4 सीटें खाली होंगी, 5 उम्मीदवार मैदान में रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले 6 विधायकों को बेंगलुरु भेजा गया था, इसके बाद 2 और विधायक शुक्रवार दोपहर तक बेंगलुरु पहुंच गए। अब ओडिशा के PCC अध्यक्ष समेत 8 विधायक, उनके निजी सचिव और परिवार के सदस्य यहां मौजूद हैं। इनके लिए 20 कमरे बुक किए गए हैं। इन कांग्रेस विधायकों में अशोक कुमार दास, प्रफुल्ल चंद्र प्रधान, पवित्र सांता, कद्रका अप्पाला स्वामी, सी.एस. राजन एक्का और सत्यजीत गोमांगो शामिल हैं। कांग्रेस ने ओडिशा में अभी तक किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी ने बीजू जनता दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के साथ मिलकर एक संयुक्त उम्मीदवार दत्तेश्वर होता का समर्थन करने का फैसला किया है। अप्रैल में ओडिशा से राज्यसभा की चार सीटें खाली हो जाएंगी। राज्य से कुल चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं, और पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। विधायकों से मिलेंगे कर्नाटक के डिप्टी CM कांग्रेस नेता बट्टाप्पा ने बताया कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के आज इन विधायकों से मिलेंगे। शिवकुमार दोपहर में यहां आएंगे। मौजूद लोगों के अलावा और भी विधायक यहां आ सकते हैं। कमरे 15 मार्च तक के लिए बुक किए गए हैं। हमें नहीं पता कि वे किस कारण से और क्यों यहां आए हैं। शनिवार सुबह तक चार और विधायकों के बेंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है। पार्टी के छह विधायक इस समय विधानसभा के चल रहे बजट सत्र में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर में ही मौजूद हैं। BJP-BJD ने अपने कैंडिडेट्स के नाम घोषित किए BJD ने संतृप्त मिश्रा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, और BJP ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए ओडिशा पार्टी प्रमुख मनमोहन सामल और सुजीत कुमार के नाम का ऐलान किया है। बीजू जनता दल ने गुरुवार को पार्टी के सभी विधायकों के लिए ‘थ्री-लाइन व्हिप’ जारी किया। इसमें विधायकों को निर्देश दिया गया कि वे भुवनेश्वर में होने वाली पार्टी की बैठकों में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। विधायकों से कहा गया है कि वे 13 और 14 मार्च को नवीन निवास पहुंच जाएं।