जालंधर के बस स्टैंड फ्लाईओवर पर आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से ठप्प कर दिया। एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर गाड़ी और सामान से लदे ‘छोटे हाथी’ (टाटा ऐस) के बीच हुई जोरदार टक्कर में मालवाहक वाहन पलट गया, जिससे उसमें रखा कीमती क्रॉकरी का सामान सड़क पर बिखर कर चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन वाहनों और सामान का भारी नुकसान हुआ है। मौके पर पहुंची बस स्टैंड चौकी की पुलिस ने स्थिति को संभाला और जाम खुलवाने के प्रयास शुरू किए। घटनास्थल पर मौजूद ‘छोटे हाथी’ के ड्राइवर ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में सेलो और कलारा जैसी नामी कंपनियों का क्रॉकरी का सामान (कप, प्लेट और अन्य बर्तन) लोड करके जा रहा था। फ्लाईओवर के ऊपर तकनीकी खराबी के कारण उसकी गाड़ी अचानक बंद हो गई। ड्राइवर के अनुसार, उसने गाड़ी को साइड में रोककर ठीक करने की कोशिश की और सुरक्षा के लिहाज से पीछे इंडिकेटर और अन्य संकेत भी दिए थे। तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने मारी टक्कर ड्राइवर का आरोप है कि इसी दौरान पीछे से आ रही एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी, जो काफी तेज रफ्तार में थी, उसने सीधे उसके वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छोटा हाथी बीच सड़क पर ही पलट गया। टक्कर के कारण फॉर्च्यूनर के एयरबैग खुल गए, जिससे उसमें सवार लोग गंभीर चोटों से बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर एयरबैग न खुलते तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था।
तीसरी गाड़ी ‘जीप’ का रहस्य हादसे में एक नया मोड़ तब आया जब दोनों पक्षों ने एक अज्ञात जीप का जिक्र किया। बताया जा रहा है कि एक जीप अचानक बीच में आ गई थी, जिसे बचाने के चक्कर में फॉर्च्यूनर का संतुलन बिगड़ा और वह खड़े टेंपो से जा टकराई। हादसे के तुरंत बाद जीप सवार मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस तीसरी गाड़ी की पहचान की जा सके। लाखों का सामान बर्बाद, लगा लंबा जाम इस दुर्घटना में सबसे ज्यादा नुकसान उस व्यापारी का हुआ है जिसका सामान डिलीवर होना था। सड़क पर चारों तरफ कांच के टुकड़े और टूटे हुए कप-पैनल बिखरे नजर आए। हादसे के बाद फ्लाईओवर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बस स्टैंड चौकी के इंचार्ज ने पुलिस टीम के साथ पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे करवाया और यातायात को सुचारू रूप से चालू करवाया। पुलिस की कार्रवाई पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रहे हैं। फिलहाल प्राथमिकता ट्रैफिक को क्लियर करना था ताकि आम जनता को परेशानी न हो। पुलिस अब इस मामले में जांच के आधार पर कार्रवाई करेगीं।