प्रयागराज में कोचिंग जा रही 11वीं की छात्रा को शुक्रवार को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। छात्रा साइकिल के साथ करीब 25 फीट दूर तक घिसटती चली गई। इसके बाद कमर से ऊपर की बॉडी 7 हिस्सों में कट गई। 16 साल की प्राची के शरीर के टुकड़े सड़क पर बिखर गए थे। चादर में लपेटकर शव को पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा गया। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों का कलेजा भी कांप गया। शवों के चार बड़े और तीन छोटे टुकड़ों को सिलाई कर एकसाथ जोड़ा गया। यही वजह है कि पोस्टमॉर्टम करने में तीन घंटे से ज्यादा लग गए। छात्रा के शरीर का हाल देख रिश्तेदार, परिवार वाले और गांववाले अस्पताल में भी सिसकते रहे। परिवार वाले घटनास्थल पर ही शरीर के टुकड़ों पर चादर डाल चीखते दिखे। पिता आनंद यादव और मां गुड्डी देवी दोपहर में ही दो बार बेहोश हो गई थीं। उसकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए फैसला किया गया कि प्राची के शव को गांव न ले जाया जाए, क्योंकि शव की हालत देख मां और पिता का सब्र जवाब दे जाएगा। गांव नहीं ले गए शव, घाट पर देर शाम अंतिम संस्कार ऐसे में रिश्तेदारों ने पूरी तैयारी कर शाम 7.30 बजे शहर के फाफामऊ घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया। परिवार के लोगों को रिश्तेदार संभालते हुए घाट तक ले आए थे। पोस्टमॉर्टम हाउस से लेकर फाफामऊ घाट तक चीखें ही गूंजती रहीं। हादसे के 14 घंटे बाद अंतिम संस्कार पूरा हो सका। वजह यही रही कि छात्रा के शरीर के अंगों को एक साथ सिला जाना था। प्राची और उनके आसपास के घरों में भी चूल्हे नहीं जले। छात्रा की हालत जिसने भी देखी, वह गुस्से से भर गया। इस मामले पर परिवार वाले आज शनिवार को पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेगा। 2 तस्वीरें देखिए… कोचिंग पहुंचने से चंद कदम पहले हादसा
रैनी गांव के रहने वाले आनंद बहादुर यादव की बेटी प्राची आदर्श इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा थी। प्राची शुक्रवार सुबह करीब 6.30 बजे घर से कोचिंग के लिए फूलपुर के मैलहन जा रही थी। कॉलेज से चंद कदम दूर फूलपुर के मैलहन गांव में सुबह साढ़े 7 बजे हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- छात्रा साइकिल से मैलहन में कोचिंग पढ़ने जा रही थी। जैसे ही वह मैलहन के पास पहुंची तभी पीछे से आ रहे ट्रक ( UP70CT6566) ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद छात्रा का बैग और सामान सड़क पर बिखर गया। ड्राइवर को दौड़ाकर लोगों ने पकड़ा, पीटकर पुलिस के हवाले किया
हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक लेकर भागने लगा तो लोगों ने बाइक से पीछा करके करीब 200 मीटर दूर जाकर उसे पकड़ लिया। अपने को घिरता देखकर ड्राइवर ट्रक छोड़कर खेतों की ओर भागने लगा। लोगों ने दौड़ाकर पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। जमकर लात-घूंसे मारे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को भीड़ से छुड़ाया और थाने ले गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 4 थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। लोगों ने ट्रक के शीशे तोड़े, 5 घंटे तक चला हंगामा
हादसे के बाद गुस्से में लोगों ने ट्रक के शीशे तोड़ दिए। पहिए की हवा निकाल दी। यहीं नहीं लोगों ने ट्रक में लदी मैदे की करीब 20 से 25 बोरियां उतार लीं और सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। हंगामे की सूचना पर ACP फूलपुर विवेक यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन, परिवार और ग्रामीण DM को बुलाने पर अड़े रहे। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां बोली- मेरी बेटी को मार डाला। वहीं पिता- रोते-रोते अचेत हो जा रहे थे। वीडियो बना रहे 3 लोगों को पीटा
हादसे के बाद हंगामे की वीडियो बनाने पर लोगों ने 3 लोगों को पीट दिया। माहौल तनावपूर्ण बन गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे फूलपुर चेयरमैन अमरनाथ यादव ने लोगों को समझाया। काफी मान-मनौव्वल के बाद लोग माने। थोड़ी देर बाद सपा विधायक विजमा यादव भी पहुंच गईं। पिता की तहरीर पर ट्रक ड्राइवर पर मुकदमा दर्ज
फूलपुर थाना क्षेत्र के आलेमऊ गांव के रहने वाले आनंद बहादुर यादव घर पर रहकर खेती करते हैं। उनके 2 लड़के और एक लड़की हैं। दूसरे नंबर की बेटी प्राची है। छात्रा के पिता आनंद बहादुर की तहरीर पर आरोपी ट्रक ड्राइवर इंद्रजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी चालक पुलिस हिरासत में है। छात्रा प्राची पढ़ने में काफी होशियार थी। आदर्श इंटर कॉलेज से ही उसने पिछले साल हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। बोर्ड परीक्षा में उसके 85% नंबर आए थे। घर की सबसे छोटी और इकलौती बेटी होने के नाते वह काफी दुलारी थी। उसकी मौत से मां गुड्डी देवी, बड़े भाई प्रशांत और प्रफुल्ल के आंसू नहीं थम रहे हैं। पिता आनंद भी दो बार बेहोश हो चुके हैं। ———————- ये खबर भी पढ़िए- सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु दी, नई जिंदगी देने पहुंचे बाबा: गाजियाबाद में बोले- मेरी जड़ी-बूटी ठीक कर देगी; पिता ने लौटाया “मैं राजस्थान से आया हूं। मेरी बनाई देसी दवा की पुड़िया से आपके बेटे को नई जिंदगी मिल सकती है। आप चाहें तो इसे एम्स के डॉक्टर से दिलवा दें।” एक बाबा का ये दावा सुन गाजियाबाद के रहने वाले अशोक राणा भावुक हो गए। बोले- शब्दों में बयां नहीं कर सकता 13 साल से बेटे को जिंदा लाश की तरह देखना कितना दर्दनाक रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ नहीं। गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। कोर्ट ने इच्छामृत्यु की इजाजत दे दी है। दैनिक भास्कर की टीम गाजियाबाद की राज एंपायर सोसाइटी पहुंची, जहां 13वीं मंजिल पर अशोक राणा रह रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…