जालंधर में किसान व बसपा नेता ने गोली मारकर मजदूर की हत्या कर दी। मजदूर ने उससे आधी दिहाड़ी यानी 600 रुपए मांगे गए थे। इसी को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। इस बीच ने बसपा नेता ने मजदूर पर फायरिंग कर दी। इसके बाद वह वहां से फरार हो गया। घटना शनिवार शाम 6 बजे के करीब की है। मौके पर पहुंचे डीएसपी फिल्लौर भरत मसीह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। मृतक की पहचान मनोज कुमार (25) के तौर पर हुई है। मनोज फिल्लौर के गांव घुड़का में 8 साल से रह रहा था और शादीशुदा था। मनोज मूल रूप से बिहार के मोतिहारी का रहने वाला था। आरोपी की पहचान जसप्रीत उर्फ जस्सा के तौर पर हुई है। खेत से सरसों काटने के लिए कहा था
आरोपी शाम साढ़े 4 बजे के करीब गांव की ही वर्कशॉप पर ट्रैक्टर ठीक करवा रहा था। इस बीच मनोज भी वहां पहुंच गया। आरोपी ने मनोज को खेत से सरसों काटने के लिए कहा था और बाद में मना कर दिया। मनोज अपनी आधी दिहाड़ी के 600 रुपए मांगने लगा तो जस्सा ने उसे गाली दे दी। पहले गाली दी, फिर लाइसेंसी रिवॉल्वर से 3 फायर किए
गाली सुनते ही मनोज ने वर्कशॉप में पड़ी रॉड उठा ली। इस दौरान दोनों में हाथपाई की नौबत आ गई। गुस्से में आकर जस्सा ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से 3 फायर किए। एक मनोज के कंधे तो दूसरा छाती में लगा। 20 मिनट तक मनोज घटनास्थल पर तड़पता रहा। 112 एंबुलेंस पहुंचने तक उसकी मौत हो गई। सवाल-जवाब में पढ़िए प्रत्यक्षदर्शी ने क्या बताया… सवाल- आपका नाम क्या है?
जवाब: नितिन कुमार। सवाल: आपकी वर्कशॉप में क्या वारदात हुई?
जवाब: मैं ट्रैक्टर का काम कर रहा था। जसप्रीत सिंह और मनोज कुमार के बीच पैसों को लेकर कोई झगड़ा हुआ। एक-दूसरे को गाली-गलौज करते-करते वे मारपीट पर उतारू हो गए। देखते ही देखते कुछ ही सेकंड में उन्होंने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। सवाल: कितने फायर हुए?
जवाब:: लगभग दो से तीन। सवाल: क्या आप मौके पर मौजूद थे?
जवाब : मैं पास में ही था, पर थोड़ा दूर होने के कारण यह पहचान नहीं पाया कि उसे कितनी गोलियां लगीं। यह सब बाद में ही पता चला। सवाल: क्या उसकी मौके पर ही मौत हो गई?
जवाब: मौके पर तो नहीं, उसे करीब 15 से 20 मिनट तक सांस आ रही थी। जब तक 112 नंबर पर सूचना दी और एंबुलेंस को बुलाया, उतने समय में उसकी जान निकल गई। हम थोड़े लेट हो गए। सवाल: मतलब वर्कशॉप के अंदर ही मौत हुई?
जवाब: हां जी, हां जी। किसी ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। सवाल: उसकी उम्र कितनी थी?
उत्तर: मनोज कुमार की उम्र करीब 23 से 24 साल थी। सवाल: क्या झगड़े का कारण पता चला?
जवाब: कारण यह था कि सुबह इनका सरसों काटने का कोई ठेका हुआ था। आधी दिहाड़ी लगाने के बाद उन्होंने (जसप्रीत पक्ष ने) मनोज कुमार पर आरोप लगाया कि वह उनके घर की महिलाओं पर गलत नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि हमें तुमसे काम नहीं कराना, तुम जाओ। इस बात को लेकर वे बाहर आ गए। मनोज ने कहा, मेरा जो काम बनता है, उसके 600 रुपए मुझे दे दो, मैं अपने घर चला जाऊंगा। इसी बात पर गाली-गलौज शुरू हो गई। शायद उसने पैसे देने से मना कर दिया होगा। पहले वे सड़क पर लड़े, फिर लड़ते-लड़ते अंदर आ गए। मनोज कुमार ने पहले हमला करने की कोशिश की। लेकिन दूसरे पक्ष के पास रिवॉल्वर थी और उसे देखते ही फायर कर दिया। सवाल: मनोज कुमार इस गांव में कब से रह रहा था?
जवाब: मनोज कुमार को यहां रहते हुए करीब 7 से 8 साल हो गए थे। पहले वे गोभी का काम करता था। अब काम न होने के कारण मजदूरी का काम करता था। सवाल: क्या वह जसप्रीत के पास ही काम करता था?
जवाब: नहीं, वह गांव में खुले तौर पर काम करता था, जहां भी काम मिल जाए। वह दिहाड़ी मजदूर था और अपनी रोजी-रोटी के लिए काम करता था। सवाल: क्या उसकी पत्नी भी साथ थी?
उत्तर: हां, मौके पर पति-पत्नी दोनों साथ में काम कर रहे थे। बसपा नेता ब्लॉक समीति चुनाव लड़ चुका
बताया जा रहा कि इस साल हुआ ब्लॉक समिति का चुनाव जस्सा लड़ चुका है। वह बसपा नेता और नंबरदार भी है। घटना के बाद जस्सा मौके से फरार हो गया था। वहीं वारदात की सूचना मिलते ही डीएसपी भरत मसीह और थाना गोराया के एसएचओ पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। डीएसपी भरत मसीह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्दी ही दोषी को गिरफ्तार करके हत्या के असल कारण का पता लगाया जाएगा।