BHU डॉक्टर के खुदकुशी करने का पता लगाएगी जांच कमेटी:जूनियर रेजिडेंटों ने निदेशक से की मुलाकात, कुलपति ने सर्जरी विभाग के अध्यक्ष से ली जानकारी

आईएमएस बीएचयू के सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर की आत्महत्या के प्रयास मामले में रेजिडेंट लामबंद हो गए हैं। उन्होंने आईएमएस निदेशक से मुलाकात कर जांच की मांग की। आरोप है कि वर्कलोड और तनाव से रेजिडेंट ने यह कदम उठाने की कोशिश की। जांच कमेटी देगी रिपोर्ट वहीं,निदेशक प्रो. एसएन संखवार से फैकल्टी ऑफ मेडिसिन के डीन प्रो. संजय गुप्ता के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। जांच कमेटी में सर्जरी विभाग की प्रो. सीमा खन्ना और डिप्टी चीफ प्रॉक्टर संतोष सिंह भी शामिल हैं। बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली सर्जरी विभाग की जूनियर रेजिडेंट ने गुरुवार को अपने कमरे में इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया था। बैचमेट ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला। उसे सर सुंदरलाल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। आईएमएस की रेजिडेंट डॉक्टर वेलफेयर सोसाइटी ने भी निदेशक को पत्र लिखकर घटना के प्रति चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि जूनियर रेजिडेंट की परिवार से भी अनबन थी। उधर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एसके भारतीय से घटना के बारे में जानकारी ली। अब जानिए कैसी है महिला डॉक्टर की हालत महिला डॉक्टर को एसएसबी के छठे तल पर स्थित आईसीयू के बेड नंबर 30 पर भर्ती करवाया गया है। इंसुलिन के ओवरडोज का असर मल्टीआर्गन पर पड़ा है। सबसे अधिक किडनी पर असर पड़ा है। इस वजह से शुक्रवार की देर शाम उसकी डायलिसिस भी हुई। हालांकि घटना के बाद से ही वह बेहोश पड़ी हैं, उसके इलाज में लगे डॉक्टर उसके होश में आने का इंतजार कर रहे हैं। हालत चिंताजनक देखते हुए आईएमएस बीएचयू के मेडिसिन विभाग, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी के साथ ही क्रिटिकल केयर से जुड़े डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए हैं। पहले भी कर चुकी है ऐसा प्रयास जूनियर रेजिडेंट इससे पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी है। 2019 में जब एमबीबीएस में दाखिला नहीं मिला था, तब भी उसने ऐसा ही कदम उठाया था। एमबीबीएस के बाद एमएस में वह पीडियाट्रिक में दाखिला लेना चाह रही थी लेकिन उसे सर्जरी विभाग मिला था।

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