‘पत्नी के साथ संबंध बनाते पकड़ा, इसलिए मार डाला’:वाइफ को मायके भेजा, फिर भाई संग मिलकर दोस्त का मर्डर किया; मधेपुरा में कातिल का कबूलनामा

“मेरी पत्नी और रवि मोहन कुमार के बीच करीब ढाई साल से नाजायज संबंध थे। 26 फरवरी को बहन की शादी के दिन भी मैंने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उसी समय मैंने रवि मोहन को मारने का फैसला कर लिया था।” यह कहना है बिहारीगंज थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी विक्रम ऋषिदेव का। मोहनपुर में शनिवार (14 मार्च) की रात रवि मोहन की चाकू और गड़ासा से हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने विक्रम ऋषिदेव और उसके चचेरे भाई सतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में विक्रम ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। आरोपी ने पुलिस को क्या-क्या बताया, पूरा मामला क्या है?, घटना पर परिजनों का क्या कहना है और पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है, विस्तार से पढ़िए.. पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… पूरा मामला 3 पॉइंट में समझिए… पहले 12 बदमाशों के हमले की बात कही गई मधेपुरा के बिहारीगंज थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में गुरुवार रात 21 वर्षीय रवि मोहन कुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में बताया गया कि रवि मोहन अपने दो दोस्त विक्रम ऋषिदेव और सतीश कुमार के साथ घर से करीब 100 मीटर दूर ड्रेनेज किनारे टहल रहा था। तभी 6 बाइक पर सवार करीब 10-12 बदमाशों ने तीनों को घेर लिया। बदमाशों ने मारपीट शुरू कर दी, फिर चाकू से हमला कर दिया। इस दौरान दोनों साथी खेत में छिपकर बच गए, जबकि रवि मोहन को मक्का के खेत में ले जाकर बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने आशंका जताई थी कि एक दिन पहले गांव में हुई बारात के दौरान पटाखा फोड़ने को लेकर हुए विवाद के कारण यह घटना हुई। पुलिस जांच में कहानी संदिग्ध लगी घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घायल बताए जा रहे युवकों के बयान में कई विरोधाभास मिले। साथ ही उनके कपड़ों पर खून के धब्बे भी पाए गए, जबकि उनके शरीर पर गंभीर चोट नहीं थी। इससे पुलिस का शक गहरा गया। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की और सख्ती बरतने पर पूरे मामले की सच्चाई सामने आने लगी। पत्नी से अवैध संबंध के शक में रची रवि मोहन की हत्या की साजिश पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विक्रम ऋषिदेव को शक था कि उसकी पत्नी और रवि मोहन के बीच करीब ढाई साल से नाजायज संबंध थे। उसने कई बार दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखा था। 26 फरवरी को अपनी बहन की शादी के दिन भी उसने दोनों को साथ देख लिया था, जिसके बाद उसने हत्या की योजना बना ली। 11 मार्च को गांव में पड़ोसी की बेटी की शादी के दौरान पटाखा फोड़ने को लेकर हुए विवाद को उसने बहाना बना लिया। विक्रम ने अपने चचेरे भाई सतीश कुमार के साथ मिलकर पहले से हथियार छिपा दिए और गुरुवार रात फोन कर रवि मोहन को बुलाया। इसके बाद ड्रेनेज के पास मक्का के खेत में ले जाकर चाकू और गड़ासा से उसकी हत्या कर दी। बाद में घटना को दूसरी दिशा देने के लिए 12 बदमाशों के हमले की झूठी कहानी फैलाई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल हथियार और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। अब पढ़िए, आरोपी का कबूलनामा पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाते देखा पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी विक्रम ने कहा कि रवि मोहन को जब मेरी पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाते देखा तो मैंने उसकी हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी। मैंने होली से पहले अपनी पत्नी को मायके भेज दिया, ताकि घटना के समय वह गांव में मौजूद न रहे। इसके बाद मैं मौके की तलाश में था। 11 मार्च को गांव में पड़ोसी चंद्रमोहन मेहता की बेटी की शादी थी। उसी दिन बारात में पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद हुआ, जिसमें रवि मोहन भी शामिल था। मैंने उसी घटना को बहाना बनाकर अपने चचेरे भाई सतीश कुमार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। हम लोगों ने दिन में ही हत्या में इस्तेमाल होने वाले हथियार घटनास्थल के पास छिपा दिए थे। फोन कर बहाने से बुलाया रात में मैंने रवि मोहन को फोन कर बहाने से अपने पास बुला लिया और ड्रेनेज के किनारे मक्का के खेत में ले गया। वहां मैंने और सतीश ने चाकू और गड़ासा से उस पर हमला कर दिया। वह विरोध करने लगा, इसी दौरान मुझे भी हल्की चोट लग गई। हम लोगों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद हमने हथियार ड्रेनेज के किनारे छिपा दिए और रवि मोहन का मोबाइल फोन मक्का के खेत में एक पेड़ के नीचे जमीन में गाड़ दिया। इसके बाद मैं गांव लौट आया और लोगों को गुमराह करने के लिए अफवाह फैला दी कि बारात पक्ष के 10-12 लोगों ने छह बाइक से आकर हमला किया और रवि मोहन की हत्या कर दी। पुलिस बोली- 10 घंटे में हत्या की जांच पूरी की एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि रवि मोहन की हत्या धारदार हथियार से की गई है। घटना के बाद पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया था। जांच और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपियों ने ही मिलकर हत्या की है। करीब 10 घंटे के अंदर पूरे मामले की जांच कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण आरोपी विक्रम की पत्नी के साथ रवि मोहन के अवैध संबंध का मामला सामने आया है।

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