लुधियाना में आज होगा PSTET एग्जाम:शिक्षक यूनियनों के विरोध और बॉयकॉट के बीच 42 सेंटर बने,काली पट्टी बांध देंगे परीक्षा

पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET) आज रविवार को जिले में कड़े इंतजामों के बीच आयोजित किया जा रहा है। हालांकि परीक्षा से पहले राज्यभर में शिक्षक संगठनों के विरोध और बॉयकॉट की घोषणा के कारण माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। जिला प्रशासन ने परीक्षा के लिए लुधियाना में कुल 42 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें PSTET-I के लिए 19 और PSTET-II के लिए 23 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा दो सत्रों में होगी। पहला सत्र सुबह 9:30 बजे और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा। 8,364 उम्मीदवार परीक्षा देंगे अधिकारियों के अनुसार, पहले सत्र में 8,364 उम्मीदवार परीक्षा देंगे, जबकि दूसरे सत्र में 6,674 अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। जिले में परीक्षा के संचालन और समन्वय के लिए सरकारी माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीएयू को नोडल सेंटर बनाया गया है। शिक्षकों का विरोध जारी
परीक्षा से पहले पंजाब के विभिन्न जिलों में शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। पिछले सप्ताह बड़ी संख्या में शिक्षक चंडीगढ़ में इकट्ठा हुए और PSTET को अनिवार्य बनाने के फैसले का विरोध किया। उनका कहना है कि दशकों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों से दोबारा पात्रता साबित करवाना उचित नहीं है। कुछ स्कूलों ने किया बॉयकॉट
लुधियाना में भी कुछ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने परीक्षा का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
सरकारी प्राइमरी स्कूल लोहारा और जवाहर नगर के शिक्षकों ने विरोध स्वरूप परीक्षा में शामिल न होने की घोषणा की है। काली पट्टी बांधकर देंगे परीक्षा
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) के संयुक्त सचिव रूपिंदर सिंह गिल ने कहा कि संगठन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहा है और राज्य सरकार से रिट याचिका दाखिल करने की मांग की गई थी।
उन्होंने कहा कि 25 साल से ज्यादा सेवा दे चुके शिक्षकों को दोबारा अपनी योग्यता साबित करने के लिए परीक्षा देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। वहीं DTF के जिला प्रधान दलजीत सिंह समराला ने कहा कि कई शिक्षक परीक्षा तो देंगे, लेकिन विरोध दर्ज कराने के लिए काली पट्टी बांधकर परीक्षा में शामिल होंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि सभी केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से कराई जा सके।

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