बागपत की मशहूर निशानेबाज शूटर दादी प्रकाशी तोमर की नाक की नस फट गई। घर का काम करते समय वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। घरवाले तुरंत उन्हें बड़ौत के हॉस्पिटल में ले गए। वहां से उन्हें नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल भेज दिया गया। इस समय प्रकाशी तोमर के बेटे रामबीर और बेटी सीमा उनके साथ हैं। अंतर्राष्ट्रीय ट्रैप शूटर बेटी सीमा तोमर ने फोन पर बताया कि शनिवार की रात (14 मार्च) नाक की नस फटने से मां को भर्ती कराया गया है। बता दें, प्रकाशी तोमर के संघर्षों और उपलब्धियों पर बॉलीवुड फिल्म ‘सांड की आंख’ बनी है। बेटा बोला- खून बंद नहीं हुआ, बेहोश होकर गिरीं
शूटर दादी के बेटे रामबीर सिंह ने बताया- शनिवार रात करीब 2 बजे अचानक मां की नाक से खून बहने लगा। काफी देर तक खून नहीं रुका और वह बोहोश होकर जमीन पर गिर गईं। हम लोग रात में ही उन्हें बड़ौत के प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। आराम मिलने पर हम लोग उन्हें घर लेकर आ गए। रविवार सुबह फिर मां की नाक से खून बहना शुरू हो गया। इस पर हम लोग फिर उन्हें बड़ौत के अस्पताल में लेकर पहुंचे। लेकिन, इस बार खून रुक नहीं रहा था। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली ले जाने की सलाह दी। अभी नोएडा के हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। मुजफ्फरनगर की रहने वाली, बागपत में ससुराल
प्रकाशी तोमर का जन्म 1937 को मुजफ्फरनगर में हुआ था। उनकी शादी बागपत के जोहड़ी गांव के रहने वाले जय सिंह से हुई थी। प्रकाशी तोमर की 2 बेटियां हैं। बेटी सीमा तोमर शूटिंग सीखना चाहती थीं। प्रकाशी उन्हें रोजरी राइफल क्लब ले गईं। बेटी के लिए गईं, खुद लगा दिया निशाना
बेटी का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रकाशी तोमर ने पिस्टल हाथ में थामकर खुद फायरिंग कर दी। उनका निशाना सटीक लगा। इसके बाद रोजरी क्लब के कोच ने प्रकाशी तोमर को ही क्लब जॉइन करने का ऑफर दिया। उस समय प्रकाशी 65 साल की थीं। परिवार इसके पक्ष में नहीं था। इसलिए प्रकाशी छिप-छिप कर निशानेबाजी की ट्रेनिंग लेने जाती थीं। इस काम में उनका साथ दिया प्रकाशी की जेठानी चंद्रो ने। राष्ट्रपति से भी मिल चुका है सम्मान
प्रकाशी और चंद्रो ने निशानेबाजी की ट्रेनिंग शुरू की, तो लोग उनका तरह-तरह से मजाक बनाने लगे। लेकिन, उनकी बोलती तब बंद हो गई, जब दिल्ली में निशानेबाजी के मुकाबले में शूटर दादी ने दिल्ली के डीआईजी को ही शूटिंग में हराकर गोल्ड जीत लिया। इसके बाद वह प्रतियोगिता में भाग लेने लगीं और फेमस होने लगीं। वरिष्ठ नागरिक वर्ग में इस जोड़ी को कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। खुद राष्ट्रपति की ओर से इन्हें स्त्री शक्ति सम्मान से नवाजा गया है। प्रकाशी और चंद्रो पर बनी फिल्म सांड की आंख
आपने साल- 2019 में आई फिल्म ‘सांड की आंख’ तो देखी ही होगी। इस फिल्म में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने दो ऐसी बुजुर्ग महिलाओं का किरदार निभाया है, जो देश के लिए निशानेबाजी करती हैं। ये फिल्म कोई काल्पनिक कहानी नहीं, देश की दो शूटर दादियों के संघर्ष पर आधारित सच्ची घटना है। फिल्म की शूटिंग जौहड़ी गांव में ही हुई थी। ‘आइकन लेडी’ और ‘100 वीमेन अचीवर्स’ में नाम शामिल
शूटर दादी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 25 से अधिक पदक और ट्रॉफियां जीती हैं। उन्होंने 2006 में मेरठ में स्त्री शक्ति सम्मान हासिल किया है। साथ ही कई बार शूटिंग प्रतियोगिताओं में पुलिस और अन्य शूटर्स को हराकर गोल्ड मेडल जीते हैं। भारत सरकार ने इन्हें ‘आइकन लेडी का सम्मान दिया है। 100 वीमेन अचीवर्स अवॉर्ड भी इन्हें मिल चुका है। पहले भी हुई थीं बीमार
प्रकाशी तोमर की उम्र करीब 90 साल है। वह पहले भी बीमार हो चुकी हैं। 13 सितंबर, 2023 को उन्हें सांस लेने में दिक्कत के बाद घरवालों ने तत्काल नोएडा के मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद वह ठीक हो गई थीं। बाद में उन्हें तेज बुखार और बीपी कम होने जैसी दिक्कतों से जूझना पड़ा। तब भी उनका इलाज मेट्रो अस्पताल में ही चला था। ————————– यह खबर भी पढ़ें स्टंटबाजी में 12वीं के छात्र की मौत, लखनऊ में बुलेट-स्कूटी की भीषण टक्कर, छात्र उछलकर डिवाइडर पर गिरा लखनऊ में बाइक रेसिंग में 12वीं के छात्र की जान चली गई। जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बुलेट और कावासाकी बाइक सवार रेस लगा रहे थे। तभी सामने स्कूटी आ गई। स्कूटी से टकराने के बाद बुलेट डिवाइडर से जा भिड़ी। बुलेट सवार 12वीं का छात्र उछलकर डिवाइडर से टकराकर। उसका सिर फट गया। पढ़ें पूरी खबर…