हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिनुअल मिशन (JNNURM) के तहत चल रही बसों के संचालन पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई से पहले केंद्र सरकार, राज्य सरकार और हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। यह याचिका जिला कांगड़ा प्राइवेट बस ऑपरेटर्स वेलफेयर सोसाइटी की ओर से दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि JNNURM योजना के तहत चलने वाली बसों का संचालन योजना के नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। इसी आधार पर याचिका में इन बसों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की अंतरिम राहत की मांग खारिज मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने याचिकाकर्ता की अंतरिम राहत की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिका में जो अंतरिम राहत मांगी गई है, वह मूल याचिका में मांगी गई राहत के समान है। ऐसे में इस स्तर पर बसों के संचालन पर रोक लगाना उचित नहीं होगा। याचिकाकर्ता के दावों को साबित किया जाना बाकी: कोर्ट कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि वर्ष 2015 से अब तक JNNURM की बसें योजना के प्रावधानों के विपरीत चलाई जा रही हैं। हालांकि इन दावों को अभी साबित किया जाना बाकी है। अदालत ने कहा कि जब तक प्रतिवादी पक्ष अपना जवाब दाखिल नहीं करता और मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने फिलहाल बसों के संचालन पर रोक लगाने की मांग से जुड़ा आवेदन खारिज कर दिया है और संबंधित पक्षों से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।