विभाग से ली जाएगी प्रगति रिपोर्ट, लापरवाही, जवाबदेही भी तय होगी

भास्कर न्यूज| जालंधर जालंधर जिले और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हर महीने रोड सेफ्टी कमेटी की मीटिंग की जा रही है। पिछले 4 महीने से लगातार किसी न किसी कारणवश मीटिंग कैंसिल हो रही है, लेकिन अब 19 मार्च को डीसी कांप्लेक्स में फिर से मीटिंग रखी गई है, जिसमें अलग अलग विभागों के 52 अधिकारियों को शामिल होने के आदेश जारी किए गए हैं। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे और सड़क हादसों को कम करने के लिए 12 मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। जानकारी के अनुसार यह बैठक औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करने वाली बैठक मानी जा रही है। इसमें हर विभाग से प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी और लापरवाही पर जवाबदेही भी तय होगी। मीटिंग में पहले से चल रही योजनाओं पर बातचीत होगी, जिस जगह पर लापरवाही बरती गई है। उन विभागों से जवाब भी मांगे जाएगें। वहीं, अदालतों द्वारा दिए गए आदेशों पर भी बातचीत की जाएगी। स्कूल वाहनों की सुरक्षा स्कूल वाहनों की सुरक्षा नीति लागू हुई या नहीं, इसकी जांच होगी। एसडीएम, यातायात पुलिस, शिक्षा विभाग और बाल संरक्षण अधिकारी अपनी रिपोर्ट देंगे। बच्चों की सुरक्षा में कमी पाई गई तो कार्रवाई तय मानी जा रही है। हादसास्थल की पहचान जिले में जहां बार-बार हादसे होते हैं, उन स्थानों की सूची बनाई गई है। लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम को उन्हें ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखा जाएगा कि अब तक क्या सुधार हुआ। इसके अलावा अदालतों में चल रहे मामलों पर भी रिपोर्ट मांगी जाएगी, ताकि आदेशों की अनदेखी न हो। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को यातायात संकेतों की जानकारी देने का अभियान चलाया जाएगा। मकसद यह है कि नियमों की जानकारी बचपन से ही दी जाए। अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहने वाली। इसमें साफ तौर पर काम का हिसाब लिया जाएगा और लापरवाही पर कार्रवाई तय हो सकती है। अगर फैसलों पर अमल हुआ, तो सड़क हादसों में कमी आ सकती है। अगर नहीं, तो यह बैठक भी कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगी।इसके अलावा कानूनी और तकनीकी समीक्षा हिट एंड रन के लंबित मामलों की स्थिति, ई-डार योजना की प्रगति, मुफ्त इलाज योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं के बारे में भी रिपोर्ट ली जाएगी। सड़क और अतिक्रमण सड़कों पर कब्जे हटाने और टूटी सड़कों की मरम्मत को लेकर विभागों से जवाब मांगा जाएगा। पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि अधिकतर हादसे लापरवाही और अव्यवस्था के कारण हो रहे हैं। नियम तोड़ने पर सख्ती जैसे तेज गति, ज्यादा सामान लादना, शराब पीकर वाहन चलाना, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। साथ ही वाहनों पर लगी तेज रोशनी वाली लाइट, रंगीन चमकती लाइट और गैरकानूनी सायरन हटाए जाएंगे। यातायात समस्याएं आदमपुर, भोगपुर, किशनगढ़ और ट्रांसपोर्ट नगर में जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। अर्बन एस्टेट में लंबे समय से बंद ट्रैफिक सिग्नलों को चालू करने का मुद्दा भी बैठक में उठेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *