भास्कर न्यूज | जालंधर जिला मैजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अहम आदेश जारी किए है। उन्होंने कहा कि जिला जालंधर की सीमा के अंदर आने वाले सभी दरिया, उनके प्राकृतिक रास्ते, फ्लड प्लेन या पानी के बहाव वाले क्षेत्र में बिना किसी पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के बड़े पेड़, जैसे सफेदा, पॉपुलर आदि लगाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध होगा। सतलुज नदी और इसकी सहायक दरियां/चों के बहाव वाले क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों द्वारा सफेदा, पॉपुलर और अन्य प्रकार के बड़े पेड़ लगाए जा रहे हैं। दरिया के प्राकृतिक बहाव वाले क्षेत्र में इस तरह पेड़ लगाने से पानी के बहाव में रुकावट पैदा होती है, जिससे बारिश के मौसम में बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है। नदी के अंदरूनी हिस्से में ऐसी गतिविधि पानी की प्राकृतिक निकासी को प्रभावित करती है, जो जन सुरक्षा के लिए चिंताजनक है और पंजाब कैनाल एवं ड्रेनेज एक्ट, 2023 के तहत दंडनीय अपराध है। यह आदेश 12 मई 2026 तक लागू रहेगा।