पठानकोट में लगातार बढ़ते डॉग बाइट के मामलों पर नगर निगम की नींद टूटी है। आवारा कुत्तों के आतंक से जल्द ही शहरवासियों को राहत मिलेगी। नगर निगम की ओर से लगभग 25 लाख रूपए की लागत से मध्य प्रदेश की लाइफ सेवर कंपनी को कुत्तों की नसबंदी का ठेका दिया गया है। इससे पहले निगम की ओर से 3 बार जारी किए गए टेंडर में किसी भी कंपनी की ओर से दिलचस्पी नहीं दिखाई गई थी। अब लाइफ सेवर कंपनी आवारा कुत्तों को पकड़ कर उनका स्ट्राइलजेशन (नसबंदी) करेगी। 7-8 दिन तक उनकी देखरेख करने के बाद जिस स्थान से कुत्ता पकड़ा गया था, दोबारा वहीं छोड़ दिया जाएगा। नगर नगम के इस फैसले से आवारा कुत्तों की बेतहाशा बढ़ रही आबादी पर रोक लगेगी। इसके अलावा, मनवाल स्थित डॉग शेल्टर हाऊस (एनआरसी सेंटर ) की रेनोवेशन का काम भी शुरू कर दिया गया है। बढ़ते डॉग बाईट के मामलों से लोग खौफजदा
बता दें कि, जिलेभर में लगातार डॉग बाईट के मामले बढ़ रहे हैं। जिस कारण शहरवासी खौफजदा हैं। कुछ इलाकों में कुत्तों का आतंक ऐसा है कि बुजुर्गों तथा बच्चों के अकेले घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही थी। विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए ये कुत्ते जानलेवा साबित हो रहे थे। रोजाना 20-25 लोग लगवा रहे एंटी रैबीज इंजेक्शन बता दें कि, सोमवार को तो 20 लोग सिविल अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे। यह केवल एक दिन की बात नहीं है, केवल सिविल अस्पताल में ही रोजाना 20-25 लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। अन्य सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और निजी अस्पतालों में भी कुत्ते के काटने के बाद लोग इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचते हैं। पहले फेज में 1506 कुत्तों को किया जाएगा स्ट्रालाइज जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की ओर से भले ही पहले फेज में 1506 कुत्तों का स्ट्राइलज करने का ठेका दिया है। परंतु वास्तव में शहर में आवारा कुत्तों की संख्या कई गुणा ज्यादा है। शहरवासियों का कहना है कि भले ही पहले फेज में नसबंदी किए जाने वाले कुत्तों की संख्या कम है। लेकिन, ये एक अच्छी शुरूआत है। निगम को इस टैंडर को बढ़ाया जाना चाहिए। रैबीज्ड कुत्ते का शिकार होकर मां-बेटी बनी मौत का ग्रास बता दें, हड़काए (रैबीज्ड) कुत्ते का शिकार होने के बाद सुजानपुर निवासी एक महिला तथा उसकी नाबालिग बेटी मौत हो गई थी। नसबंदी के बाद 7-8 दिन शेल्टर हाऊस में रखे जाएंगे कुत्ते नगर निगम की ओर से जिस कंपनी को ठेका दिया गया है, उन्हें किसी एक स्थान से अवारा कुत्तों को पकड़ कर उसकी नसबंदी करनी होगी। उसके उपरांत मनवाल स्थित डॉग शेल्टर हाऊस (एनआरसी सेंटर ) में कुत्तों को 7-8 दिन तक रखना होगा। जैसे ही उनकी स्थिति ठीक होगी, उसके उपरांत जिस जगह से उन्हें उठाया गया है, वहीं वापस छोड़ना होगा। डॉग बाइट के शिकार लोगों को सिविल में मुफ्त टीकाकरण प्रत्येक माह जिले भर में 150 से अधिक मरीज डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। जिनका इलाज सिविल अस्पताल पठानकोट में फ्री किया जाता है। कुत्तों के काटने से पीड़ित मरीजों को अस्पताल में मुफ्त एंटी रैबिज टीके लगाए जाते हैं। डॉ. हिमांशु ने बताया कि आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे लोगों को तुरंत सिविल अस्पताल में पहुंचकर मुफ्त मिलने वाले इलाज का लाभ लेना चाहिए। शहरवासियों को मिलेगी राहत- परमजोत सिंह नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर परमजोत सिंह ने बताया कि, निगम की ओर से मनवाल में डॉग शेल्टर हाऊस (एनआरसी सेंटर ) बनाया गया है। उसकी रेनोवेशन का काम जारी है। जहां पर कुत्तों की नसबंदी की जाएगी और स्वस्थ होने तक वहीं रखा जाएगा। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि उक्त कुत्तों को उसी जगह पर छोड़ेंगे, जहां से पकड़ कर लाए थे। उन्होंने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह से ही नसबंदी का काम शुरू हो जाएगा।