परबत्ता प्रखंड में शुक्रवार शाम आई तेज आंधी और बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अचानक मौसम बदलने से खेतों में खड़ी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गेहूं, रैचा और आम की फसलें सर्वाधिक प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। कन्हैयाचक के किसान अवधेश चौधरी और परबत्ता के सीताराम साह ने बताया कि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन तेज बारिश और आंधी से वह खेतों में ही गिर गई है। इससे गेहूं के उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। रैचा की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। खीराडीह के किसान विश्वनाथ यादव और तेमथा राका के प्रियरंजन मिश्रा के अनुसार, आम के पेड़ों पर आए मंजर पूरी तरह झड़ गए हैं। इससे इस साल आम की पैदावार पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। किसानों ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश किसानों को इस आपदा से भारी नुकसान हुआ है। कुछ केला उत्पादकों को आंशिक लाभ की उम्मीद थी, लेकिन तेज हवा के कारण कई स्थानों पर केले के पौधे झुक गए या गिर गए। इससे केले की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। खीराडीह की मीरा देवी और नयागांव की रीना देवी जैसी महिला किसानों ने भी फसल नुकसान पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई है। इन किसानों ने सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें। बेमौसम बारिश और आंधी से हुए इस नुकसान को किसान एक बड़ी आपदा मान रहे हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संतोष कुमार पंडित ने बताया कि क्षति का आकलन कराया जा रहा है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित किसान अब प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।