करनाल जिला में कंबोपुरा के पास ट्रांसपोर्टर की दुकान के नजदीक ई-रिक्शा चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ गया है। शुक्रवार रात परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। परिजन मौत को कोरियर पार्सल विवाद और मानसिक दबाव से जोड़ रहे हैं, जबकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। मृतक की पहचान और परिवार की हालत
मदनपुर के सुरेश (40) ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वह कोरियर सप्लाई का काम भी करता था। परिवार में तीन बच्चे हैं। सुरेश की अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर में मातम पसरा हुआ है। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
सुरेश के चाचा मदनपुर के राजपाल ने बताया कि 11 मार्च को सुरेश को घरौंडा में एक पार्सल डिलीवर करना था। उसने उस पार्सल को अन्य सामान के साथ अपने ई-रिक्शा में रख लिया। एक पार्टी को सामान देने के बाद वह घरौंडा अनाज मंडी की एक दुकान पर दूसरी पार्टी को पार्सल देकर उसकी रिसीविंग भी ले आया। इसके बाद वह ट्रांसपोर्टर के पास पहुंचा तो उसे बताया गया कि जो सामान उसने दिया है, वह गलत जगह पहुंच गया है और उसे कुटेल जाना था। सुरेश के पास कुटेल का पता नहीं था, इसलिए वह घरौंडा ही चला गया था। 11 मार्च को वह सामान वापस लेकर घर आ गया। अगले दिन फिर मिला नया काम
राजपाल ने बताया कि 12 मार्च को सुबह करीब 11 बजे सुरेश ट्रांसपोर्टर के पास पहुंचा और पूछा कि सामान कहां पहुंचाना है। इस दौरान उसे दूसरे बिल भी दे दिए गए और कहा गया कि पहले गंगोह जाकर आओ, बाद में इस पार्सल को पहुंचाना। इसके बाद वह गंगोह चला गया और देर शाम घर लौटा। वह पार्सल की पेटी फिर अपने घर ले आया। शनिवार को हुई पार्सल चोरी
शनिवार को सुरेश रोजाना की तरह श्यामनगर के स्कूल में बच्चों को छोड़ने गया। उसने ई-रिक्शा में पार्सल की पेटी भी रखी हुई थी। जब वह बच्चों को स्कूल के अंदर छोड़कर वापस आया तो रिक्शा से पार्सल गायब था। इसकी शिकायत उसी दिन सेक्टर-4 चौकी में चोरी के रूप में दी गई। इसके बाद सुरेश और उसके परिजन कंपनी के पास पहुंचे और सामान गुम होने की जानकारी दी। पहले 2.95 लाख, फिर 13 लाख बताई कीमत
राजपाल के अनुसार, कंपनी ने पहले पार्सल की कीमत करीब 2.95 लाख रुपए बताई। बाद में यह रकम बढ़ाकर 13 लाख रुपए तक बताई जाने लगी। इसके बाद सुरेश पर लगातार फोन कर दबाव बनाया जाने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टर और कंपनी के लोग बार-बार कॉल कर उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। जिस दिन उसे सामान की कीमत का पता चला, उसी दिन से वह काफी तनाव में रहने लगा था। गुम हुआ सामान बाद में मिल गया
परिजनों के अनुसार, जो सामान गुम हुआ था, वह वीरवार को कुटेल मोड़ के पास मिल गया था। इसके बावजूद सुरेश को परेशान किया जाता रहा। यहां तक कि 12 से 13 हजार रुपए लेकर मामला रफा-दफा करने की बात भी कही गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के दिन क्या हुआ, सीसीटीवी से खुलासा
मधुबन थाना के जांच अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना कंबोपुरा धर्मकांटे के सामने ट्रांसपोर्ट की दुकान के पास हुई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है। फुटेज के अनुसार, सुरेश करीब साढ़े तीन बजे ई-रिक्शा से उतरा और वॉशरूम गया। कुछ देर बाद वह वापस आकर बैठ गया। फिर करीब 4 बजकर 5 मिनट पर वह दोबारा ई-रिक्शा से उतरा और बाथरूम की तरफ गया, जहां वह अचानक गिर पड़ा।बाद में वहीं पर उसका शव मिला। जांच में सामने आया है कि शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं हैं। पोस्टमार्टम से इनकार, जांच जारी
शुक्रवार रात परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पहले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस का कहना है कि कोरियर विवाद का एंगल भी सामने आया है और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।