हरियाणा में किसान फसलों के मुआवजे के खेल में फंस गए हैं। बाढ़ से प्रभावित फसल का प्रीमियम इंश्योरेंस होने के बाद भी अकाउंट में 200-300 रुपए मुआवजा आ रहा है। अकाउंट में इंश्योरेंस क्लेम की ये राशि देखकर किसान हैरान है। वहीं किसान नेता भी मामले को लेकर एक्टिव हो गए हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने सही तरीके से मुआवजा नहीं दिया तो पक्का मोर्चा लगाकर धरना देंगे। बीती बरसात में बाढ़ से प्रदेश के चरखी दादरी, हिसार और भिवानी में किसानों की फसलें डूब गई थी। जिसका मुआवजा अब कंपनी द्वारा दिया जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि कम नुकसान वाले खेत की जांच कर कंपनी अधिक नुकसान वाले खेतों को भी उसी के हिसाब से मुआवजा दे रही है। जिससे कुछ किसानों के खातों में सिर्फ 171 रुपए आए हैं, जबकि बीमा कपनी ने इंश्योरेंस की एवज में 4 हजार रुपए काट लिए। पढ़िए मुआवजे पर क्या बोले किसान… किसान नेता बोले- 15 दिन का अल्टीमेटम पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच ने बताया कि एचडीएफसी बीमा कंपनी ने किसानों के खातों में नाममात्र क्लेम डाला गया है। हिसार जिले के किसानों का वर्ष 2022 का बीमा क्लेम भी अब तक लंबित है। यदि 15 दिनों के भीतर बीमा क्लेम किसानों के खातों में नहीं डाला गया, तो गेहूं कटाई के बाद लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद कर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। पढ़िए क्या कहते हैं नियम… जिन किसानों की फसल का नुकसान 50 से 75 फीसदी तक हुआ है, उन्हें सरकार की ओर से 12000 रुपए प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा मिलता है। इसके अलावा जिन किसानों की फसल का 75 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है, उन्हें 15000 रुपए प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा दिया जाता है। एक अनुमान के हिसाब से…आपने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 3 हेक्टेयर फसल खराब होना का आवेदन किया है और आपका नुकसान 75 फीसदी से ज्यादा हुआ है तो खाते में 45000 रुपए आएंगे। इतने किसानों के खाते में आना था पैसा हरियाणा सरकार फसल नुकसान के मुआवजे का क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से मुआवजा देती है। जिन किसानों ने तय समयसीमा में पोर्टल पर कागज जमा नहीं कराए हैं, उनके खाते में पैसा नहीं आएगा। खरीफ सीजन- 2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5 लाख 29 हजार 199 किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का रजिस्ट्रेशन करवाया था। वेरिफिकेशन के बाद 53 हजार 821 किसानों का 1 लाख 20 हजार 380 एकड़ कृषि क्षेत्र क्षतिग्रस्त पाया गया। जिसके बाद अब किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। पैसा नहीं आया तो कहां करें शिकायत अगर किसी किसान के अकाउंट में पैसा नहीं आया है तो वह 1800-180-2117 या 1800-180-2060 नंबर पर कॉल कर जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा क्षतिपूर्ति पोर्टल या मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जाकर लॉगिन करके अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।