पंजाब में ऑल इंडिया आशा वर्कर्स फैसिलिटेटर्स यूनियन के नेतृत्व में आशा वर्करों की हड़ताल रविवार ो पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान मोगा के बस स्टैंड पर पंजाब सरकार का पुतला फूंका गया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत कौर रण सिंह वाला ने किया। आशा कार्यकर्ताओं ने 28 मार्च तक काम बंद हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। हड़ताल को पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन चंडीगढ़ का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त है। मोगा में पुतला दहन कार्यक्रम की अगुवाई अमरजीत कौर रण सिंह वाला के साथ अमनदीप कौर रत्तू, अमनदीप कौर मंदार और निंदर कौर ने की। पंजाब सरकार पर बजट में अनदेखी का लगाया आरोप इस अवसर पर आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने अपने बजट में उनके लिए एक पैसा भी आवंटित नहीं किया है। उन्होंने इस बात पर भी खेद व्यक्त किया कि आम आदमी पार्टी सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने अब तक उनसे संपर्क करने का प्रयास नहीं किया है। काम बंद होने से लोगों को हो रही परेशानी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे जानती हैं कि काम बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। इसलिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए उन्हें ऐसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस पार्टी को सत्ता में लाने का उन्हें अब पछतावा हो रहा है, क्योंकि सत्ता में आने से पहले इसके प्रतिनिधि उनके विरोध प्रदर्शनों में शामिल होते थे और मांगों का समर्थन करते थे, जबकि अब वे लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारों का सहारा ले रहे हैं। मानदेय राशि को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 किया जाए आशा कार्यकर्ताओं की मांगों में समान काम के लिए समान वेतन, भत्तों में वृद्धि, निश्चित भत्ते को दोगुना करना, आशा कार्यकर्ताओं/सुविधादाताओं को कानून के दायरे में लाना, न्यूनतम वेतन 28,000 रुपये तय करना और मानदेय राशि को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सेवानिवृत्ति और सहायता कोष के रूप में 5 लाख रुपये तथा पेंशन की व्यवस्था किए जाने की भी मांग की।