मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ उर्फ चंद्रशेखर सिंह (45) की मौत के बाद उपद्रव करने वालों पर पुलिस का एक्शन जारी है। रविवार को फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने 23 नामजद सहित 300 लोगों पर उपद्रव मचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा दक्ष चौधरी और उसके साथियों पर अफवाह फैलाने का एक अलग केस दर्ज किया गया है। यह मुकदमा बरसाना थाना में तैनात SI मदन सिंह ने दर्ज कराया है। शनिवार देर रात दक्ष चौधरी सहित 19 आरोपियों को पुलिस ने अरेस्ट कर जेल भेज दिया। पुलिस को बवाल वाली जगह से 15 बाइक, 315 और 312 बोर के तमंचे के खाली कारतूस भी मिले हैं। उधर, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल की शिकायत पर फरसा वाले बाबा की मौत मामले में छाता पुलिस ने FIR दर्ज की है। उन्होंने अज्ञात गोतस्करों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(2),191(3),190,115(2),131 और 125 में एफआईआर कराई है। बाबा के शिष्य हरिओम की तहरीर पर पुलिस ने राजस्थान नंबर के ट्रक ड्राइवर खुर्शीद खां निवासी चंदौली थाना विजय मंदिर अलवर के खिलाफ FIR कर ली है। बाबा की मौत के मामले में अब 4 FIR दर्ज हो चुकी हैं। इसमें पुलिस ने 2 मुकदमे दर्ज कराए हैं। इसके अलावा विहिप के प्रांतीय अध्यक्ष और बाबा के शिष्य ने भी केस दर्ज कराया है। दरअसल, मथुरा के कोसीकलां में “फरसा वाले बाबा” (चंद्रशेखर) की शनिवार को ट्रक से कुचलकर मौत के बाद दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर जमकर बवाल हुआ था। पुलिस समझाने पहुंची तो पथराव शुरू हो गया। 10 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। एसपी देहात, ADM प्रशासन के वाहनों के अलावा 7 सरकारी गाड़ियां में तोड़फोड़ हुई थी। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। बाबा के साथियों ने आरोप लगाया कि गोतस्करों ने जानबूझकर ट्रक से कुचलकर हत्या की। वहीं, डीआईजी के मुताबिक यह हादसा था। उन्होंने कहा- बाबा गोतस्करी के शक में ट्रक की जांच कर रहे थे, तभी पीछे से आए ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हुई। जानिए किन 23 लोगों पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर उपद्रव के बाद छाता कोतवाली प्रभारी कमलेश सिंह ने FIR दर्ज कराई। इसमें 22 लोगों को नामजद किया गया है। नामजद आरोपियों में गौरव उर्फ भूरा, नरेश, हिमांशु, पवन, कपिल शर्मा, धर्मेंद्र, विष्णु, अनुज, शनि, केशव, पवन, अरुण, अमन, सुभाष, सीताराम, भोला पंडित, योगेश, मुकेश गोस्वामी, महेश चौधरी, वीरेंद्र, हरिओम लाहौर के अलावा निहाल सिंह का नाम शामिल है। इसके अलावा 250 से 300 अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान सीसीटीवी और फोटो के जरिए की जा रही है। इन पर पुलिस ने BNS की धारा 109(1), 190, 191(2), 191(3), 352, 351(2), 195, 132, 324(4), आपराधिक कानून अधिनियम 7, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 3,4 के अलावा IT एक्ट की धारा 67 में मुकदमा दर्ज है। बरसाना थाना में तैनात SI मदन सिंह ने दक्ष चौधरी और उसके साथियों अक्कू पंडित,सचिन,रितेशपाल और डॉक्टर प्रकाश सिंह पर माहौल खराब करने का एक अलग केस दर्ज किया है। दक्ष चौधरी सहित 19 अरेस्ट, कई पुलिसवाले हुए थे घायल बाबा की मौत के बाद हुए बवाल के पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। बवाल करने और अफवाह फैलाने के आरोप में हिंदू रक्षा दल के दक्ष चौधरी सहित 19 लोगों को अरेस्ट कर लिया। पुलिस के अनुसार, बवाल के बाद पुलिस को मौके से 15 बाइक, 315 और 312 बोर के तमंचे के खाली कारतूस मिले हैं। पथराव में छाता कोतवाली प्रभारी कमलेश सिंह, शहर कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्रा, शेरगढ़ थाना प्रभारी प्रदीप कुमार, गोविंद नगर थाना प्रभारी रवि त्यागी, जैंत थाना प्रभारी उमेश त्रिपाठी, इंस्पेक्टर विजेंद्र राणा को चोट आईं हैं। रजनीश कुमार, उमेश कुमार आदि पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि हंगामा के दौरान पुलिस ने भीड़ पर 50 से ज्यादा आंसू गैस के गोले, रबड़ बुलेट, स्मोक ग्रेनेड और शॉर्ट कारतूस का प्रयोग किया था। कई अधिकारियों की गाड़ियां भीड़ ने तोड़ी पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों ने एसपी देहात, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, SDM की सरकारी गाड़ी के अलावा पुलिस की एक टाटा सूमो, सीओ छाता, थाना गोविंद नगर, सेही चौकी की गाड़ियां भी तोड़ दीं। वहीं गोवंश होने के शक में जिस कंटेनर को फरसा वाले बाबा ने रोका था। वह कंटेनर थाना कोसी के कोटवल चौकी पर खड़ा है। कौन हैं फरसा वाले बाबा? चंद्रशेखर बाबा का घर मथुरा में बरसाना रोड पर छाता इलाके के आजनौंख गांव में है। कई साल से गोसेवा कर रहे। स्थानीय लोग बताते हैं, ‘फरसा वाले बाबा हमेशा गाय के लिए समर्पित रहे। शुरुआत में बरसाना इलाके में गायों को लेकर जब भी कोई समस्या सामने आती, लोग बाबा को ही बताते। वह गायों की मदद करके धीरे-धीरे इलाके में मशहूर हो गए। गोसेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले फरसा वाले बाबा का तस्करों में इस कदर खौफ था कि उनकी मौजूदगी का पता चलते ही वह अवैध रूप से ले जाए जाने वाले गोवंश को छोड़कर भाग खड़े होते थे।’ बाबा के बड़े भाई केशव सिंह बताते हैं, ‘छोटे भाई की उम्र 45 साल थी। मूलरूप से फिरोजाबाद के सिरसागंज लंगड़ा के रहने वाले हैं। वह 10 साल की उम्र में ही बाबा बन गए थे। हम दोनों सगे भाई थे। मेरे 4 बेटे, 4 बहुएं, 7 पोते और 6 पोतियां हैं। बाबा ने शादी नहीं की है। हम लोग अयोध्या में रहते हैं। पहले बाबा भी हमारे साथ अयोध्या में रहते थे। बाद में वह मथुरा आ गए। केशव सिंह ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है।’ पूरा मामला समझ लीजिए… फरसा वाले बाबा की शनिवार को कोसीकलां के कोटवन थाना क्षेत्र में ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। हादसे के बाद एक वीडियो सामने आया है। इसमें बाबा जमीन पर पड़े हैं। उनके पास म्यान के साथ तलवार पड़ी है। राजस्थान में रजिस्टर्ड नंबर प्लेट लगे ट्रक के आगे का हिस्सा डैमेज दिख रहा है। ट्रक के ड्राइवर अलवर के खुर्शीद की भी आगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उधर, घटना की जानकारी इलाके में आग की तरह फैली। हजारों लोग मथुरा के छाता कस्बे में हाईवे पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर दिल्ली-कोलकाता हाईवे जाम कर दिया। आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करने लगे। शव कब्जे में लेने और जाम खुलवाने पहुंची पुलिस को लोगों ने खदेड़ दिया। पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। लोगों ने कई सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी, शीशे तोड़ दिए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले छोड़े। इस बीच, लोग बाबा का शव लेकर आजनौंख गांव में स्थित गोशाला पहुंचे। प्रशासन के सामने बाबा का स्मारक बनाने समेत 6 मांगें रखीं। डीएम ने आश्वासन दिया कि बाबा के दाह संस्कार वाली जगह पर समाधिस्थल बनवाया जाएगा। इसके बाद बाबा का अंतिम संस्कार किया गया। CM योगी ने भी मामले का संज्ञान लिया। अफसरों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा- आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, शनिवार देर रात फरसा बाबा की मौत को लेकर उपद्रव करने के आरोप में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता दक्ष चौधरी समेत 16 उपद्रवी गिरफ्तार किए गए। ———————— ये खबर भी पढ़ें… मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा, पथराव:पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं; आरोप- गोतस्करों ने ट्रक से कुचला, पुलिस बोली- हादसा मथुरा में साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। बाबा के एक साथी ने दावा किया- शनिवार तड़के बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। ट्रक में गोवंश होने की सूचना थी। ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने सामने बाइक खड़ी कर दी। तभी अचानक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए भाग गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर