मंडी से बड़ादेव कमरुनाग सुकेत मेले के लिए रवाना:गढ़पति नाग च्वासी सिद्ध से दिव्य मिलन, देवलुओं और बजंतरियों ने भव्य शोभायात्रा निकाली

हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव परंपरा के प्रतीक बड़ादेव कमरुनाग राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेले में शामिल होने के लिए ग्राम पंचायत रोहांडा के मझोठी स्थित अपनी कोठी से विधिवत रवाना हुए। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा-अर्चना के बाद देवलुओं और बजंतरियों की अगुवाई में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रोहांडा पहुंचने पर देव कमरुनाग का गढ़पति श्री नाग च्वासी सिद्ध से दिव्य मिलन हुआ। इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े, जिससे क्षेत्र में विशेष उत्साह का माहौल बना हुआ है। बड़ादेव कमरुनाग श्रद्धालुओं के घर अतिथि के रूप में होंगे विराजमान मझोठी से सुंदरनगर तक की यात्रा के दौरान बड़ादेव कमरुनाग श्रद्धालुओं के घर-घर जाकर अतिथि के रूप में विराजमान होंगे। देव संस्कृति में इस परंपरा का विशेष महत्व है, जहां लोग देवता के स्वागत को अपने जीवन का सौभाग्य मानते हैं। चांबी पहुंचने पर बड़ादेव कमरुनाग का प्रशासन और सुकेत सर्व देवता मेला कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया गया। सुकेत देवता मेले में देव कमरुनाग का विशेष स्थान सुकेत सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक सोनी ने बताया कि मेले के शुभारंभ अवसर पर देव कमरुनाग शुकदेव ऋषि की तपोस्थली शुकदेव वाटिका पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सुकेत देवता मेले में देव कमरुनाग का विशेष स्थान है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष मेले का एक और खास पहलू यह है कि गढ़पति श्री नाग च्वासी सिद्ध करीब 180 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अपने मूल स्थान से सुंदरनगर आकर इस मेले में भाग ले रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 23 से 27 मार्च तक होगा राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेला-2026 का आयोजन 23 से 27 मार्च तक किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यह मेला हिमाचल की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।

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