LPG की पाइप निकाली,गैस फैली तो खुद को लगाई आग:बेटे की लव मैरिज से परेशान था पिता; घर वाले बोले- लड़का-लड़की लेकर भाग गया

नालंदा में एक पिता ने बेटे की लव मैरिज से नाराज होकर जान दे दी। घर में एलपीजी सिलेंडर खोलकर खुद को आग के हवाले कर दिया। झुलसने से घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान दिनेश कुमार(45) के तौर पर हुई है। पेशे से किसान थे। घटना खुदागंज थाना क्षेत्र के बनबाग गांव की है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी वारदात बताया जाता है कि गांव के ही विनय कुमार की बेटी राखी कुमार 15 फरवरी को अचानक लापता हो गई। ठीक 2 दिन बाद, 17 फरवरी को दिनेश कुमार का बेटा प्रवीण कुमार भी घर से भाग निकला। इसके बाद दोनों पक्षों ने थाने में मामला दर्ज कराया। लड़की के पिता ने प्रवीण पर अपहरण का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई, जबकि दिनेश कुमार ने भी अपने बेटे के अपहरण की आशंका जताते हुए अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। गांव वालों का कहना है कि लड़की का घर लड़के के घर से कुछ दूरी पर ही है। आसपास रहने की वजह से दोनों में बातचीत होती थी। कई बार दोनों का बाजार में साथ भी देखा गया था। आज-कल फोन का जमाना है। दोनों की बात फोन पर होती होगी। दोनों ने प्लान बनाया होगा और घर से भाग निकले हैं। पंचायती और 5 लाख का जुर्माना पूर्व मुखिया नवीन कुमार वर्मा ने बताया कि प्रेमी युगल के भागने के बाद गांव में पंचायत हुई। पंचायत ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रेमी युगल को 14 साल के लिए गांव से निष्कासित करने और वापस लौटने पर 5 लाख रुपए का आर्थिक दंड देने को कहा। मानसिक दबाव में थे दिनेश दिनेश के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच केस को लेकर समझौते की बात चल रही थी। हालांकि, बाद में लड़की पक्ष अपनी बातों से मुकर गया। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई थानाध्यक्ष दुर्गेश गहलोत ने बताया कि, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया है। बेटे की लव मैरिज करने के कारण पिता तनाव में थे। आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रेमी युगल फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। ——————– ये खबर भी पढ़ें पत्नी की बॉयफ्रेंड से शादी करवाने वाले पति की कहानी:मुझसे लव मैरिज, फिर अपने भाई से प्यार, शादी न करवाता तो मेरी हत्या कर देती ‘मैंने प्यार करके शादी की थी। तीन साल तक कुंदन को जाना और समझा, फिर कोर्ट मैरिज की। लगा था जिंदगी सुकून से कटेगी। इस दौरान 3 बच्चे भी हुए, लेकिन वक्त के साथ सब बदल गया। रिश्ते में घुटन बढ़ने लगी, बात-बात पर झगड़ा शुरू हो गया। मैं हर दिन के विवादों से परेशान होने लगी थी। मेरे रिश्ते में फुफेरे भाई से बातचीत शुरू हुई तो थोड़ा सुकून मिलने लगा। आज लोग सवाल कर रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि मैंने यह रास्ता क्यों चुना।’ पूरी खबर पढ़ें

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