फरीदकोट जिले के कोटकपूरा के पास स्थित गांव ढाब ब्राह्मण वाला के नजदीक कर्ज से परेशान दो सगे किसान भाइयों द्वारा ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने का हृदयविदारक मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। पुलिस परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। मृतकों की पहचान गांव हरीनौ निवासी जसकरण सिंह (38) और उनके छोटे भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा सिंह (34) के रूप में हुई है। दोनों किसान छोटी जोत के थे। अब तक की जांच में सामने आया है कि कर्ज के भारी बोझ के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। दोनों अपने पीछे अपनी पत्नियों के अलावा एक-एक छोटी बच्ची छोड़ गए हैं। इन पॉइंट्स से जानिए आत्म हत्या के लिए मजबूर होने की वजह 25 लाख लिया था कर्ज जो 50 लाख रुपए हो गया: फरीदकोट में कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी करने वाले दो सगे किसान भाइयों, जसकरण सिंह और जसविंदर सिंह के सिर पर लगभग 25 लाख रुपए का कर्ज था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक इससे पहले कर्ज की रकम 50 लाख रुपए से भी अधिक थी और करीब तीन महीने पहले ही उन्होंने अपनी जमीन का एक हिस्सा बेचकर कुछ कर्ज उतारा था। नौ महीने पहले ट्रैक्टर खरीदा, आलू की फसल हो गई खराब: करीब नौ महीने पहले दोनों भाइयों ने एक नया ट्रैक्टर भी खरीदा था, जिसकी किस्तों को लेकर वे परेशान चल रहे थे। हाल ही में आलू की फसल खराब हो जाने के कारण वे मानसिक रूप से भी काफी दबाव में आ गए। ट्रैक्टर की किश्तें न जा पाने से बार बार बैंक का फोन आ रहा था। इसके अलावा बाकी कर्ज न चुका पाने से परेशान थे। इसके चलते आत्मघाती कदम उठा लिया सगी बहनें हुई विधवा, परिवार टूटा दुखों का पहाड़ दोनों भाइयों की शादी गांव टाइफी की दो सगी बहनों से हुई थी। बड़े भाई करण सिंह की 6 साल की बेटी है, जबकि छोटे भाई जसविंदर सिंह की 4 साल की एक बेटी है। 8 भाई-बहनों में से दोनों सबसे छोटे थे और उनकी सभी छह बहनें विवाहित हैं। उनके इस कदम से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में बुजुर्ग माता-पिता के अलावा दोनों की पत्नियां और एक-एक छोटी बच्ची हैं। अटूट था भाइयों का प्रेम जानकारी के अनुसार, आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे ये दोनों भाई आपस में बहुत प्रेम से रहते थे। वे साथ मिलकर खेती और अन्य काम करते थे। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के पास जमीन कम थी, इसलिए वे ठेके पर जमीन लेकर खेती करते थे। विशेष बात यह थी कि दोनों भाई एक ही घर (सगी बहनों) में विवाहित थे, जिससे परिवार में बेहतर तालमेल था। हालांकि, सिर पर चढ़े कर्ज के कारण वे लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थे।
एक-दूसरे का हाथ थामकर मौत को लगाया गले इसी मानसिक तनाव के चलते उन्होंने गांव ढाब ब्राह्मण वाला के पास रेलवे लाइन पर छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों भाई एक ही एक्टिवा पर सवार होकर रेलवे ट्रैक तक पहुंचे और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूद गए।
आर्थिक सहायता और कर्ज माफी की मांग गांव गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों का आपसी प्रेम मिसाल था, लेकिन कर्ज की तंगी ने उन्हें तोड़ दिया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार का पूरा कर्ज माफ किया जाए और उन्हें उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। परिजनों के बयान के आधार पर की जाएगी कार्रवाई जीआरपी चौकी के एएसआई और जांच अधिकारी रजिंदर सिंह बराड़ ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों के बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।