SDM और DC के टकराव में हाईकोर्ट की एंट्री:दोनों को पेश होने के आदेश; SDM बोले- चुनाव में पक्षपात करने का दबाव डाला

बाघापुराना (मोगा) के एसडीएम ने मोगा के डीसी पर ही मानसिक रूप से परेशान करने और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी तरफ से इस बारे में एक चिट्ठी चीफ सेक्रेटरी को लिखी गई। इसमें बताया गया है कि उन्हें ब्लॉक समिति चेयरपर्सन चुनाव के दौरान नतीजा एक खास उम्मीदवार के पक्ष में घोषित करने का दबाव बनाया गया। जब इससे इनकार किया तो मीटिंग में बुलाकर धमकाया, फोन पर जान से मारने की धमकियां मिलीं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उत्पीड़न रोकने की मांग की है। साथ ही उन्होंने एक महीने की छुट्टी और मोगा जिले से ट्रांसफर मांगा। हालांकि, डीसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये बेबुनियाद हैं। इसी बीच पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को तलब किया है। इन्हें आज ही कोर्ट में पेश होकर अपनी बात रखनी होगी। बता दें कि चुनाव में हंगामे के बाद 15 पंचायत समितियों ने कोर्ट में याचिका लगाई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव के दौरान उन्हें बंधक बनाया गया। इससे वे चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाए। एसडीएम ने चिट्‌ठी में ये बातें लिखीं… चुनाव के दौरान हुआ था भारी हंगामा जानकारी के अनुसार बाघापुराना में 17 मार्च को ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन पद के चुनावों के दौरान भारी हंगामा हुआ। शिरोमणि अकाली दल (SAD) और कांग्रेस के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें सुबह 9 बजे बुलाया गया और फिर एक कमरे में बंद कर दिया गया, ताकि वे वोटिंग में हिस्सा न ले सकें। जब बाहर मौजूद समर्थकों को इस बात का पता चला तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने दीवारें फांदीं, खिड़कियां तोड़ीं और परिसर के अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने परिसर के मुख्य द्वारों को बंद कर दिया, जिससे स्थानीय आप (AAP) विधायक अमृतपाल सिंह सुखनंद और एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया अंदर ही फंस गए। बाद में भारी पुलिस बल ने उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। हंगामे के बीच ही AAP विधायक ने सोशल मीडिया पर अपने उम्मीदवार की जीत का दावा कर दिया। जबकि, बाद में कोरम की कमी और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया को अधूरा घोषित कर दिया गया। आरोपों पर DC ने ये बातें कहीं… मुझे 2 लाइन की जानकारी मिली थी मोगा के DC सागर सेतिया ने बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया के सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि एसडीएम पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डाला। DC ने बताया कि उन्हें एसडीएम की ओर से केवल दो लाइनों का एक मैसेज मिला था। इसमें कहा गया था कि 17 मार्च को चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के पदों के लिए होने वाला चुनाव कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पूरा नहीं हो सका। DC ने कहा- उसी दिन मुझे कुछ ब्लॉक समिति सदस्यों की शिकायतें भी मिलीं। इनमें आरोप लगाया गया था कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से रोका गया और बीडीपीओ कार्यालय में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। ये आरोप एसडीएम के खिलाफ थे, इसलिए मैंने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए। 5 दिन बाद मुझे दोषी ठहराना समझ से परे हालिया घटनाक्रम पर हैरानी जताते हुए DC ने कहा, “चुनाव के 5 दिन बाद मुझे एसडीएम द्वारा लिखे गए एक कथित पत्र के बारे में पता चला। इस पत्र में मुझ पर धमकी और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। मैं इन सभी आरोपों का पूरी तरह से खंडन करता हूं।” डीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि बाघापुराना ब्लॉक समिति चुनाव के संचालन में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा, “पूरी चुनाव प्रक्रिया के प्रभारी एसडीएम थे। ऐसे में घटना के कई दिन बाद मुझे दोषी ठहराना समझ से परे है।” SDM ने यह चिट्‌ठी लिखी…

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