हरियाणा के झज्जर में हुए रोड एक्सीडेंट में सारण के 2 लोगों की मौत हो गई। दोनों मृतक रिश्ते में फूफा-भतीजे लगते थे। मृतक अशोक राम की पत्नी चैती छठ का व्रत रखती हैं। छठ पूजा को लेकर घर में खरना की तैयारी चल रही थी, जिसके लिए फूफा-भतीजे लकड़ी लाने गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे की शुरुआत मामा चौक से हुई। पहले ट्रक ड्राइवर ने रोड क्रॉस कर रहे 2 युवकों को रौंदा। इसके बाद भी ड्राइवर नहीं रुका और तेज गति से सेक्टर-9 की तरफ ट्रक दौड़ा दिया। इस दौरान कई और लोगों को भी गाड़ी ने चपेट में ले लिया। मृतकों की पहचान माझी मियां पट्टी निवासी शंभू राम (22) और एलियासपुर निवासी अशोक राम (35) के रूप में हुई है। अशोक राम, शंभू के फूफा थे। दोनों बहादुरगढ़ में निजी कंपनी में मजदूरी करते थे। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. आम की लकड़ी खरीदने मामा चौक की ओर जा रहे थे जानकारी के अनुसार, सोमवार को दोनों खरना के लिए आम की लकड़ी खरीदने मामा चौक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक बेकाबू ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि देर तक घर नहीं लौटने पर अशोक की पत्नी को चिंता हुई। उन्होंने आसपास के लोगों से जानकारी लेनी शुरू की, जिसके बाद उन्हें हादसे की खबर मिली। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां दोनों की मौत की पुष्टि हुई। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के बाद करीब दो घंटे तक शवों की पहचान नहीं हो पाई थी। ऑटो में टक्कर मारने के बाद भी ड्राइवर ट्रक को दौड़ाता रहा। ड्राइवर तेज रफ्तार से नजफगढ़ फ्लाईओवर की ओर बढ़ा, लेकिन ट्रक बेकाबू होकर फ्लाईओवर के नीचे दो पिलर के बीच फंस गया। इसके बाद ड्राइवर ट्रक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। एक साल पहले ही अपने फूफा के साथ काम करने हरियाणा गए थे शंभू राम इधर सारण के मांझी स्थित गांव में चैती छठ को लेकर व्रती महिलाएं खरना के दिन निर्जला उपवास के बाद भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा की तैयारी करती हैं। उसी समय इस घटना की जानकारी परिवार के महिलाओं को मिली। शंभू राम अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, जो एक साल पहले ही अपने फूफा के साथ काम करने हरियाणा गए थे। सोमवार देर शाम बहादुरगढ़ में पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव बिहार लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मंगलवार देर रात तक शव गांव पहुंचने की संभावना है। इधर, गांव में छठ की रौनक पूरी तरह फीकी पड़ गई है। दिल्ली की कच्ची कॉलोनी में आकर रहने लगे थे दोनों परिवार – SHO जमील अहमद हरियाणा में झज्जर के SHO जमील अहमद ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले अशोक और शंभू आपस में रिश्तेदार थे। दोनों के बीच जीजा-साले का रिश्ता था। कुछ साल पहले ही शंभू की बहन की शादी अशोक के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों परिवार दिल्ली की कच्ची कॉलोनी में आकर रहने लगे थे। अशोक मोहन बहादुरगढ़ की जेसी एलाइज कंपनी में काम करता था, जबकि शंभू बहादुरगढ़ के ही सेक्टर-17 स्थित एक कंपनी में कार्यरत था। पुलिस के मुताबिक दोनों युवक दिल्ली में रहकर बहादुरगढ़ में नौकरी करते थे। SHO जमील अहमद ने बताया कि पुलिस ने आरोपी ट्रक ड्राइवर को राउंडअप कर लिया है। वह मूल रूप से बिहार के छपरा का ही रहने वाला है। ट्रक के मालिक का नाम सतीश पुत्र हवासिंह है। ड्राइवर दिल्ली के कीर्ति नगर से ट्रक लेकर आया था। जांच की जा रही है कि ड्राइवर ने नियंत्रण कैसे खोया, वह लापरवाही से वाहन चला रहा था या हादसे के पीछे कोई और वजह थी।