शिमला पुलिस ने बीते दिनों हिमाचल के CM सुक्खू के मीडिया एडवाइजर के बेटे आर्यन चौहान के मशोबरा क्षेत्र में कथित अपहरण कर फिरौती मांगने के प्रयास और मारपीट के मामले में मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी के पास से 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीश वर्मा उर्फ मनु (46) के रूप में हुई है। वह गांव जघेड़ी, तहसील ठियोग, जिला शिमला का रहने वाला है और वर्तमान में भट्टाकुफर क्षेत्र में रहता था। आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग और ठेकेदारी का काम करता है। दिनभर की गतिविधियों पर नजर रखी, जानकारी जुटाई पुलिस जांच में सामने आया है कि मनु ही इस पूरे अपराध का मास्टरमाइंड है। उसने पीड़ित आर्यन की दैनिक गतिविधियों पर नजर रखी और उसके आने-जाने के समय व स्थानों की पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपहरण की सुनियोजित साजिश रची और वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत चरस तस्करी, चोरी, अपहरण और मारपीट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2006 से 2021 तक विभिन्न थानों में उसके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। नारकंडा क्षेत्र में की व्यक्ति से मारपीट इसी बीच, नारकंडा क्षेत्र के एक व्यक्ति के खिलाफ मारपीट से जुड़े एक अन्य मामले की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। शिमला पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और लगातार की गई कार्रवाई के कारण पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अब मुख्य साजिशकर्ता भी पकड़ा गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की अन्य कड़ियों को जोड़ने का प्रयास जारी है। शिमला पुलिस ने ऐसे जघन्य अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।