फतेहाबाद जिले में LPG की कालाबाजारी रोकने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रण विभाग ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। जिले में LPG के अनाधिकृत प्रयोग पर रोक लगाने के लिए इन अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। आम उपभोक्ता इन अधिकारियों के नंबरों पर सीधे संपर्क कर शिकायत दे सकेंगे। बता दें कि, फतेहाबाद के रतिया क्षेत्र में सबसे अधिक उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए परेशानी झेलनी पड़ी है। यहां दो बार गैस एजेंसी के बाहर प्रदर्शन किया गया। रोड जाम भी किए गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामले को शांत करवाया जा सका। इसके बाद डीएफएससी कुशल बूरा ने रतिया क्षेत्र में जाकर गैस एजेंसियों पर स्टॉक की चेकिंग भी की थी। इसके अतिरिक्त जिले में दुकानों पर प्रयोग किए जा रहे घरेलू सिलेंडर को जब्त करने का भी अभियान चलाया गया। जानिए…किस क्षेत्र के लिए किस अधिकारी की लगी ड्यूटी डीएफएससी कुशल बूरा के अनुसार, फतेहाबाद, भूना और भट्टू कलां क्षेत्र के लिए सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी (एएफएसओ) नरेंद्र सिंह अहलावत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। आम लोग उनके मोबाइल नंबर 9416346100 पर संपर्क कर सकेंगे। इसी प्रकार रतिया क्षेत्र के लिए सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी (एएफएसओ) निर्मल कांता को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिनका मोबाइल नंबर 94666-59923 है। टोहाना क्षेत्र के लिए खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक निर्दोष पूनिया को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनसे मोबाइल नंबर 98174-35099 पर संपर्क किया जा सकेगा। शिकायतों की जांच कर निपटान करवाएंगे अधिकारी डीएफएससी ने बताया कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्राप्त शिकायतों की जांच कर उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलपीजी गैस का अनाधिकृत प्रयोग, जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित नोडल अधिकारी को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिले में हैं 23 गैस एजेंसियां फतेहाबाद जिले में इस समय 23 गैस एजेंसियां हैं, जिन पर अलग-अलग कंपनियों से गैस की सप्लाई आती है। इन एजेंसियों से करीब 3 लाख 20 हजार से अधिक उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। जिले में रोजाना 5 से 6 हजार सिलेंडर की खपत होती है।