अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में बच्चों के लिए उम्मीद की एक नई किरण सामने आई है। मुख्यमंत्री श्रवण आशीर्वाद योजना (सुनन दा हक सबदा) के तहत यहां 5 बच्चों के सफल कोक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किए गए, जिससे पांचों बच्चे अब सुन सकेंगे। डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चों ने ऑपरेशन के बाद बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और अब वे आवाजें सुनने लगे हैं। हालांकि, उन्हें बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होगी, जो जल्द ही शुरू किया जाएगा। डी एंटी डिपार्टमेंट फार्मर मेडिकल कॉलेज डॉक्टर प्रोफेसर गुरबख्श सिंह का कहना है कि पूरी तरह सामान्य विकास में 1 से 3-4 साल का समय लग सकता है, लेकिन सही समय पर इलाज होने से ये बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं। सरकारी योजना के तहत महंगा इलाज पूरी तरह निशुल्क इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जहां निजी अस्पतालों में कोक्लियर इम्प्लांट का खर्च लाखों रुपयों तक पहुंच जाता है, वहीं सरकार द्वारा यह पूरा इलाज मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें सर्जरी से लेकर रिहैबिलिटेशन तक सभी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। 1.5 से 2 साल की उम्र में ऑपरेशन से बेहतर परिणाम डॉक्टरों ने माता-पिता से अपील की है कि यदि बच्चे को सुनने में कोई समस्या दिखाई दे, तो बिना देरी के जांच कराएं। विशेषज्ञों के मुताबिक, 1.5 से 2 साल की उम्र में ऑपरेशन करवा लेने से बेहतर परिणाम मिलते हैं और बच्चा सामान्य बच्चों की तरह विकसित हो सकता है। डॉक्टरों ने समाज से भी अपील की है कि ऐसे बच्चों को छिपाने के बजाय समय पर इलाज दिलाएं, ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर देश की प्रगति में योगदान दे सकें।