चंडीगढ़ में कार हादसे पर उठे सवाल:एडवोकेट ने SSP को लिखा पत्र, पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप

चंडीगढ़ के सेक्टर-35डी में तेज रफ्तार कार से हुई घटना को लेकर एडवोकेट गगनदीप सिंह संधू ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने न तो ड्राइवर का मेडिकल करवाया और न ही कोई ठोस कार्रवाई की। साथ ही उन्होंने नशा सप्लाई का भी शक जताया है। एडवोकेट के अनुसार, सेक्टर-35डी में एक लाल रंग की तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद कार आगे बढ़ी और एक रैंप को तोड़ते हुए खंभे से जा टकराई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 1 मिनट में 3 चक्कर लगाए एडवोकेट गगनदीप सिंह संधू ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7 से 7:30 बजे के बीच लाल रंग की कार ने इलाके में एक मिनट के भीतर तीन चक्कर लगाए। इस दौरान उनकी सफेद रंग की गाड़ी, जो घर के बाहर खड़ी थी, उसका शीशा तोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान दो महिलाएं सड़क पार कर रही थीं, लेकिन कार की तेज रफ्तार देखकर वे पीछे हट गईं। शीशा तोड़ने के बाद कार कुछ सेकंड रुकी और फिर आगे जाकर एक रैंप तोड़ते हुए खंभे से टकरा गई। ड्राइवर ने खुद को बताया डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एडवोकेट के मुताबिक, कार में केवल एक व्यक्ति था, जो गाड़ी चला रहा था। जब पुलिस की पीसीआर मौके पर पहुंची और चालक से पूछताछ की, तो उसने खुद को डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी बताया। एडवोकेट ने आरोप लगाया कि उन्होंने मौके पर ही पुलिस से ड्राइवर का मेडिकल करवाने की मांग की। क्योंकि उन्हें शक था कि ड्राइवर ने नशा किया हुआ है। लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी और कहा कि चलते वाहन से ही शीशा टूटा है, कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। न पेट्रोलिंग, न नाका, ड्रग्स सप्लाई का शक एडवोकेट गगनदीप ने कहा कि उनके इलाके में न तो पुलिस पेट्रोलिंग होती है और न ही कोई नाका लगाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में ड्रग्स सप्लाई के लिए गाड़ियां आती हैं और तेज रफ्तार से घूमती रहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस लाल रंग की कार ने घटना को अंजाम दिया, उसकी जांच की जानी चाहिए। पुलिस अक्सर लोगों से शिकायत करने को कहती है और नाम गुप्त रखने का भरोसा देती है, लेकिन यहां शिकायतकर्ता खुद सामने आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने ऑनलाइन जांच की तो उक्त कार पर पहले से करीब 6 चालान दर्ज मिले। इसके बावजूद पुलिस ने इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।

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