जालंधर के मॉडल हाउस स्थित प्रसिद्ध ‘घई बेकर किचन’ में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां डिनर करने आए एक परिवार की पेप्सी की बोतल में कथित तौर पर कीड़ा या कोई संदिग्ध काली चीज तैरती पाई गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनका बच्चा वह पेप्सी पी रहा था, तभी उनकी नजर उस गंदगी पर पड़ी। इस घटना के बाद रेस्तरां संचालक और ग्राहक के बीच तीखी बहस हुई। संचालक ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सारा दोष पेप्सी कंपनी और डिस्ट्रीब्यूटर पर मढ़ दिया है, जबकि पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। परिवार के साथ डिनर करने पहुंचा था पीड़ित कमल विहार (बस्ती पीरदाद) के निवासी रॉकी अपनी माता, पत्नी और दो बच्चों के साथ मॉडल हाउस स्थित घई बेकर किचन में डिनर के लिए पहुंचे थे। खाना खाने के बाद परिवार ने पेप्सी ऑर्डर की। रॉकी के अनुसार, जब उनका बच्चा पेप्सी पी रहा था, तभी उनकी पत्नी की नजर बोतल के अंदर तैरती हुई एक काली चीज पर पड़ी। परिवार का दावा है कि वह कोई कीड़ा जैसा जीव था जो बोतल के भीतर हिल रहा था। इस घटना से घबराए परिवार ने तुरंत रेस्तरां के कर्मचारियों को बुलाया, जिन्होंने उसे महज ‘काई’ बताकर टालने की कोशिश की। इसके बाद परिवार ने संचालक विनीत घई के सामने विरोध दर्ज कराया, लेकिन संचालक ने जिम्मेदारी लेने के बजाय पेप्सी के डिस्ट्रीब्यूटर पवन टीनू पर मामला डाल दिया।
पीड़ित बोला- बच्चा बीमार होता तो जिम्मेदारी कौन लेता? ग्राहक रॉकी का कहना है कि पेप्सी की मैन्युफैक्चरिंग डेट अभी बाकी थी, फिर भी बोतल के अंदर इस तरह की गंदगी निकलना बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पेप्सी पीने से उनके बच्चे की जान को खतरा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? पीड़ित परिवार ने मौके पर ही घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जो अब जालंधर समेत पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार ने अपील की है कि जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए ताकि अन्य लोगों के स्वास्थ्य के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो। घई बेकर किचन के संचालक विनीत घई ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है क्योंकि बोतल कंपनी से सीलबंद आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पेप्सी कंपनी की लापरवाही है और दो साल पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत के बावजूद कंपनी ने कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में वे पेप्सी का स्टॉक लेने से पहले उसकी बारीकी से जांच करेंगे। हालांकि, संचालक के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से पीड़ित परिवार में भारी रोष है।