युद्ध के बीच चंडीगढ़ प्रशासन की एलपीजी पर रणनीति:22000 से 1 लाख पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य, सोसाइटियों में हर रोज दो कैंप

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच चंडीगढ़ प्रशासन ने गैस की कमी से निपटने के लिए रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत शहर में अगले एक सप्ताह तक रेजिडेंशियल इलाकों में पीएनजी कनेक्शन के लिए कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसमें कनेक्शन की संख्या 22000 से बढ़ाकर 1 लाख तक करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी को तीन दिन के अंदर कनेक्शन मंजूर करने के निर्देश हैं। शहर के 30% इलाके में CGD
अभी शहर के लगभग 30% इलाके में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) की सुविधा उपलब्ध है, जिसे इंडियन ऑयल अदानी गैस लिमिटेड द्वारा चलाया जा रहा है। फिर भी शहर में 3 लाख से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन हैं। इन कनेक्शनों को पीएनजी में कन्वर्ट करना प्रशासन का लक्ष्य है। होटल-रेस्टोरेंट को भी जोड़ा जाएगा CGD से
गैस आपूर्ति सुचारू रखने के लिए शहर के बड़े कमर्शियल कंज्यूमर जैसे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों को भी प्राथमिकता के आधार पर CGD से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रशासन की तरफ से गैस पाइपलाइन बिछाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 3 महीने में कटेगा कनेक्शन
शहर के करीब 90,000 ऐसे एलपीजी कनेक्शन हैं, जिन इलाकों में पीएनजी की लाइन है, फिर भी एलपीजी का कनेक्शन ले रखा है। जिला प्रशासन की तरफ से एलपीजी संकट के बीच नेचुरल गैस एवं पेट्रोलियम प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन एक्ट 2026 को लागू कर दिया गया है, जिसके तहत अगर 3 महीने में पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया तो एलपीजी कनेक्शन को बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए भी प्रशासन की तरफ से गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं।

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