फरीदकोट जिले में एक अप्रैल से अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। खरीद से पहले मंडियों में सभी आवश्यक तैयारियां लगभग एक सप्ताह पहले ही पूरी कर ली जाती हैं और इस बार भी अधिकतर व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। इसको लेकर जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) गुरजीत सिंह दियोल ने बताया कि फिलहाल लगभग 78 प्रतिशत बारदाना भी उपलब्ध है, जबकि बाकी के लिए चंडीगढ़ से संपर्क किया जा रहा है। यदि बारदाने की कुछ कमी आती है तो आढ़तियों को एक बार इस्तेमाल पुराना बारदाना उपलब्ध करवाया जाएगा। 5,22,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य डीएफएससी ने बताया कि जिले में गेहूं खरीद के लिए 68 स्थायी और 27 अस्थायी खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। फरीदकोट जिले में 5,22,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। सभी केंद्रों पर खरीद से संबंधित तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंडियों से गेहूं की लोडिंग और गोदाम में अनलोडिंग के लिए भी उचित प्रबंध किए गए हैं। इस वर्ष गेहूं का सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों को फसल का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि किसानों और आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। खरीद केंद्रों को एजेंसियां आवंटित करने की प्रक्रिया जारी खरीद केंद्रों को एजेंसियां आवंटित करने की प्रक्रिया जारी है। इस मामले में मार्केट कमेटी फरीदकोट के सचिव वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मंडियों में किसानों और मजदूरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की जाएगी तथा छाया के लिए टेंट लगाए जाएंगे। साफ सफाई का कार्य भी किया जा रहा है। इस मामले में फरीदकोट के आढ़ती महिंदर बांसल ने प्रशासन की तैयारियों पर संतुष्टि जताई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन व खरीद एजेंसियों ने भरोसा दिलाया है कि सीजन में कोई दिक्कत नहीं आएगी। फसल को पूरी तरह सुखाकर ही मंडियों में लाएं किसान-डीएफएससी डीएफएससी गुरजीत सिंह दियोल ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं की फसल पूरी तरह सुखाकर ही मंडियों में लेकर आएं, ताकि खरीद के दौरान किसी प्रकार की कटौती का सामना न करना पड़े।