पंजाबी म्यूजिक में स्विच करते ही क्राउड की एनर्जी डबल हो जाती है

सही मायने में च्वाइसेज से ही आपका अनुभव बनता है। मैं किसी भी गाने के लिए तभी हां कहती हूं, जब उसकी मेलोडी और लिरिक्स से कनेक्शन महसूस करूं। अगर कनेक्शन नहीं होता, तो मैं उस गीत के साथ इंसाफ नहीं कर पाती। यही वजह है कि कई बार मैंने गीतों को ना भी कहा। यह कहना है सिंगर-परफॉर्मर नीति मोहन का। वह शनिवार को मोहाली में आयोजित एक कंसर्ट में परफॉर्म करने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने संगीत, गीतों के चुनाव और दर्शकों के साथ जुड़ाव पर बात की। बोलीं – मैं हमेशा उन गीतों की ओर आकर्षित होती हूं जो मुझे इमोशनल करते हैं। यही वजह है कि आजकल मैं इंडिपेंडेंट म्यूजिक पर ज्यादा फोकस कर रही हूं। मेरे कई सिंगल गाने आने वाले हैं। मेरे लिए क्वालिटी सबसे ज्यादा मायने रखती है। मैं चाहती हूं कि म्यूजिक ऐसा हो, जो लोगों को अंदर से झूमने पर मजबूर कर दे और चार्ट टॉपर बने। म्यूजिक मेरे लिए भाषा की सीमाओं से परे है, लेकिन जब आप किसी शहर की भाषा में गाते हैं, तो एक अलग ही अपनापन पैदा होता है। वही एनर्जी पूरे माहौल को बदल देती है। कंसर्ट के अनुभव को लेकर बोलीं – यह बेहतरीन अनुभव रहता है। दर्शक जिस खूबसूरती से गानों को अपनाते हैं, वह हैरान कर देता है। मैं कोशिश करती हूं कि रीजनल भाषाओं में भी गाऊं, ताकि तुरंत कनेक्शन बने। जब बॉलीवुड से पंजाबी म्यूजिक में स्विच करते हैं, तो क्राउड की एनर्जी और बढ़ जाती है। यही चीज एक आर्टिस्ट के लिए सबसे एक्साइटिंग होती है। नीति की जुबानी

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