चंडीगढ़ | हरियाणा के ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से राहत की खबर है। हरियाणा सरकार ने कोर्ट में साफ किया कि कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में ही बनाए रखा जाएगा और उन्हें वहीं पर ग्रुप-सी पदों पर प्रमोशन के लिए विचार किया जाएगा। सरकार के आश्वासन को पर्याप्त मानते हुए हाई कोर्ट ने सभी याचिकाओं का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब कर्मचारियों को उनके ही विभाग में बनाए रखते हुए प्रमोशन का मौका दिया जाएगा, तो उनकी शिकायत स्वतः समाप्त हो जाती है। इससे साफ हो गया है कि फिलहाल ग्रुप डी कर्मचारियों की विभागीय पहचान और वरिष्ठता बरकरार रहेगी, जिससे उनके प्रमोशन के अधिकार सुरक्षित रहेंगे। यह मामला उन कर्मचारियों की याचिकाओं से जुड़ा था, जिन्हें 2018 की भर्ती (विज्ञापन नंबर-4/2018) के तहत अलग-अलग विभागों में ग्रुप-डी पदों पर नियुक्त किया गया था। बाद में राज्य सरकार ने 2020 के संशोधन और 2021 की नीति के जरिए सभी ग्रुप डी कर्मचारियों को एक संयुक्त (कॉम्पोजिट) कैडर में शामिल कर दिया था।