रसोई गैस का संकट जारी है। बुकिंग कराने वाले 1.49 लाख लोगों को सिलेंडर नहीं मिला है। लोग एजेंसी के गोदाम पर सुबह 3 बजे से खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े हो जाते है। वहीं, जिन लोगों ने बाजार से पांच लीटर का छोटा सिलेंडर खरीदा था, उसे दुकान पर भरा लेते थे। इन अवैध दुकानों के बंद होने के बाद कनेक्शन लेने के लिए एजेंसियों का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, नया कनेक्शन नहीं मिल रहा है। रोजाना एक एजेंसी के कार्यालय पर औसतन 10-12 लोग नया कनेक्शन लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। जिले में 136 एजेंसियां हैं। ऐसे में रोजाना नया कनेक्शन लेने के लिए पूछताछ करने वालों की संख्या 1000 से अधिक हो गई है। एजेंसी संचालकों से सीधी बात कनेक्शन ट्रांसफर वाले आवेदनों का निष्पादन हो रहा है? बिहार के बाहर से आने वाले कनेक्शनों के ट्रांसफर के आवेदन पेंडिंग हैं। कारण, इनका सिलेंडर और रेगुलेटर संबंधित राज्य की एजेंसियों के पास जमा है। यहां नया सिलेंडर और रेगुलेटर देना होगा। अभी स्टॉक में सिलेंडर और रेगुलेटर नहीं है। नया कनेक्शन मिल रहा है? नया कनेक्शन पर रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन सिलेंडर और रेगुलेटर उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में कनेक्शन नहीं दिया जा सकता है। पुराने कनेक्शन वालों को ही आपूर्ति करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में नया कनेक्शन देकर नया बोझ लेना एजेंसी नहीं चाहती है। केवल कागज के ट्रांसफर के मामले का निष्पादन हो रहा है? जिनका सिलेंडर जमा नहीं लिया गया है, केवल कागज के ट्रांसफर का मामला है, ऐसे आवेदनों का निष्पादन हो रहा है। भीड़ के कारण रफ्तार धीमी है।