अमृतसर जिले के अटारी सीमा के पास शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने पार्टी अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान के नेतृत्व में एक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए। मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों के साथ प्रदर्शनकारियों की हल्की झड़प भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि, बाद में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया। मीडिया से बात करते हुए सिमरनजीत सिंह मान ने पंजाब की मौजूदा आर्थिक स्थिति को कमजोर बताया। राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। मान ने सुझाव दिया कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान के रास्ते भारत आने वाली गैस पाइपलाइन को पंजाब से जोड़ा जाए, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सकता है। बढ़ती बेरोजगारी पर भी चिंता व्यक्त की मान के अनुसार, सस्ती गैस की उपलब्धता से बठिंडा सहित कई क्षेत्रों में पावर प्लांट और नए उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। इससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मान ने सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार बंद होने से बढ़ती बेरोजगारी पर भी चिंता व्यक्त की। युवा रोजगार की तलाश में विदेशों का रुख कर रहे उन्होंने कहा कि युवा रोजगार की तलाश में विदेशों का रुख कर रहे हैं। उन्होंने वाघा-अटारी सीमा को व्यापार के लिए फिर से खोलने की मांग की, ताकि किसानों को उनकी फसलों के बेहतर दाम मिल सकें। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय अमृतसर और लाहौर के बीच बड़े पैमाने पर व्यापार होता था, जो अब पूरी तरह ठप है। पाकिस्तान से व्यापार चालू करने की मांग मान का तर्क है कि व्यापार फिर से शुरू होने से न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में भी मदद मिलेगी। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मान ने पंजाब में नशे और हथियारों की बढ़ती समस्या का उल्लेख किया। आंदोलन की दी चेतावनी उन्होंने कहा कि इसका समाधान सख्ती से नहीं, बल्कि रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ाकर किया जा सकता है। मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब के लोग शांति, अमन और तरक्की चाहते हैं। मान ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में पार्टी इसी तरह के और प्रदर्शन करेगी।