‘’शुक्रवार सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर मेरी काजल से बातचीत हुई थी। काजल ने मुझसे कहा कि मम्मी मैं तैयार हो रही हूं, मुझे सहेली के साथ पटना जाना है। जब मैंने उससे खाना के बारे में पूछा तो काजल ने मना कर दिया। उसने मुझे बताया कि सहेली की मां ने घर बुलाया है, कहा है कि यहां से खाना खाकर जाना। काजल ने मुझे बताया कि मैं ट्रेन या बस से नहीं बल्कि सहेली के साथ कार से पटना जाऊंगी। इसके बाद उसने मुझसे कहा कि मुझे जल्दी निकलना है, मैं तैयार हो रही हूं, बाद में बात करती हूं। इसके बाद मेरी बेटी ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। करीब आधे घंटे बाद मकान मालिक ने मुझे बेटी की हत्या की जानकारी दी।” बख्तियारपुर की रहने वाली काजल की मां निभा देवी ने ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। दरअसल, नालंदा के हरनौत में शुक्रवार सुबह इंटरमीडिएट की छात्रा 16 साल की काजल कुमारी की उसके किराए के मकान में घुसकर गोली मारी गई थी। घटना हरनौत के डाक बंगला रोड स्थित नर्स ब्लॉक के पास की है। काजल कुमारी की हत्या किसने और क्यों की? वारदात को लेकर काजल के माता-पिता का क्या कहना है? पुलिस छात्रा की हत्या के मामले में क्या बता रही है? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले वारदात से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए अब जानिए, काजल के माता-पिता ने क्या बताया? काजल बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव के रहने वाले वशिष्ठ नारायण की बेटी थी। काजल पढ़ाई के सिलसिले में हरनौत में किराए के मकान में रहती थी। काजल के पिता लोको पायलट हैं। वारदात के वक्त काजल के माता-पिता गुजरात में थे। शनिवार को गुजरात के अहमदाबाद से लौटे काजल के माता-पिता को उसकी लाश सौंप दी गई। बाढ़ के उमानाथ घाट पर छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। माता-पिता ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और जल्द से जल्द न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, काजल शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे अपने कमरे पर लौटी थी। उस वक्त उसने शिष्टाचार के नाते मकान मालिक के पैर भी छुए थे। सूत्रों के मुताबिक, सुबह करीब 8:45 बजे एक संदिग्ध युवक काजल के कमरे में दाखिल हुआ और करीब 9:30 बजे वहां से बाहर निकला। इसी बीच गोली चलने की आवाज आई। हमलावर ने इतनी करीब से गोली मारी थी कि छात्रा को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आवाज सुनकर जब बुजुर्ग मकान मालिक दंपति कमरें में पहुंचे। वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। कमरे का दरवाजा खुला था और काजल कुर्सी पर मृत अवस्था में पड़ी थी। गोली उसके सिर में लगी थी, जिससे खोपड़ी के परखच्चे उड़ गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि शव से महज तीन फीट की दूरी पर एक बेंच पर देसी पिस्तौल रखी हुई मिली। छात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री और प्रेम प्रसंग के एंगल पर पुलिस कर रही पड़ताल पुलिस जांच में पता चला है कि काजल 23 मार्च को पटना गई थी और 26 मार्च को इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वापस हरनौत लौटी थी। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया हत्या का है। पुलिस की टीम अपराधी के बिल्कुल करीब है। कुछ तकनीकी साक्ष्यों और घेराबंदी के कारण गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की जा रही है, लेकिन कातिल अब पुलिस की गिरफ्त से ज्यादा दूर नहीं है। पुलिस फिलहाल प्रेम-प्रसंग, आपसी रंजिश और छात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री से जुड़े सुरागों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।