पंचकूला में जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कलेक्टर रेट (सर्किल रेट) की प्रस्तावित दरें सार्वजनिक कर दी हैं। कई इलाकों में रेजिडेंशियल, कृषि और कॉमर्शियल भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। तहसीलों और उप-तहसीलों से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड प्रेडिक्टिव प्रस्तावों को जिला की आधिकारिक वेबसाइट panchkula.nic.in पर अपलोड कर दिया गया है। जिसमें सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में एमडीसी के सेक्टर-4,5,6 शामिल हैं। यहां के रेट में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। वहीं कॉमर्शियल एरिया में सेक्टर-7,8,9 के बूथ अब 60 प्रतिशत महंगे हो गए हैं। वहीं SCF सेक्टर 4,6,10,12,15,16,17, 21 के रेट भी अब 75 प्रतिशत बढ़ाना प्रस्तावित किए गए हैं।
8 माह पहले बढ़ोतरी, अब फिर मार पंचकूला में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में अब क्लेक्टर रेट बढ़ने के बाद लोगों पर फिर मार पड़ेगी। प्रदेश सरकार के द्वारा 8 माह पहले ही क्लेक्टर रेट बढ़ाए गए थे। अगर फ्लैट की बात की जाए तो अब 100 वर्ग गज के फ्लैट रजिस्ट्री एक लाख रुपए तक महंगी हो जाएगी। दावे-आपत्ति के लिए केवल सोमवार का दिन पंचकूला में क्लेक्टर रेट का फाइनल रेट का ड्रॉफ्ट 28 मार्च की शाम को वेबसाइट पर डाल दिया गया। जिसमें तीन दिन में दावे-आपत्ति पर सुनवाई के लिए कहा गया है। जबकि हकीकत यह है कि केवल सोमवार के दिन ही वर्किंग है। उसके अलावा छुट्टी रहेंगी तो ऐसे में 3 दिन का कोई औचित्य नहीं है। एक अप्रैल 2026 से प्रदेश सरकार नए रेट लागू करने की घोषणा कर चुकी है। आपत्ति के बाद जारी होंगे फाइनल कलेक्टर रेट पंचकूला डीसी सतपाल शर्मा ने बताया कि हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार ये दरें तैयार की गई हैं। आमजन को सलाह दी जाती है कि वे वेबसाइट पर दरें चेक करें और यदि कोई आपत्ति हो तो निर्धारित समय में दर्ज कराएं, ताकि अंतिम दरें अधिक यथार्थपूर्ण और न्यायसंगत बन सकें। सभी आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अंतिम कलेक्टर रेट की घोषणा बाद में की जाएगी।