लखनऊ के अलीगंज सीएचसी में बाहरी दवा लिखने से मरीजों को समस्या हो रही है। डिप्टी सीएम ने सरकारी डॉक्टरों को बाहर से दवा लिखने पर उनके निलंबन तक की कार्रवाई का दावा किया था, लेकिन इसका कोई असर नहीं हो रहा। उल्टा मरीजों को एजेंट जांच व इलाज के लिए निजी क्लीनिक भेज रही है। पूरा खेल खुलेआम सीएचसी में चल रहा है। ओपीडी के अंदर से ही मरीजों का नाम-पता व मोबाइल नंबर दर्ज करके भेजा जा रहा है। इस पूरे रैकेट में सीएचसी के डॉक्टर व कर्मचारी भी शामिल होने का आरोप है। जिनकी शह पर निजी क्लीनिक के एजेंट ओपीडी परिसर के अंदर बैठकर मरीजों को शिफ्ट करा रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। 300 लोग रोज आते हैं अलीगंज सीएचसी की ओपीडी में हर दिन करीब 300-400 मरीज इलाज के लिए आते हैं। हर दिन यहां पर तीन से चार डिलवरी हो रही हैं। सीएचसी पर कमीशन के खातिर पूरा रैकेट चल रहा है। निजी क्लीनिक की महिला एजेंट के जरिये महिला मरीजों की जांच व इलाज के लिए भेजा जा रहा है। जहां पर शुल्क देकर जांच व इलाज मिल रहा है। आरोप है इस खेल में अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ भी शामिल हैं। जिसकी बदौलत महिला एजेंट जांच के लिए निजी क्लीनिक भेज रही है। इस मामले की जांच में और पड़ताल में फिलहाल यह खेल सामने आया है। एजेंट आने पर रोक होगी कार्रवाई सीएचसी प्रभारी डॉक्टर हेमंत ने कहा कि हमारा किसी भी संस्था से कोई भी अनुबंध नहीं है। महिला एजेंट ओपीडी खत्म होने के बाद परिसर में आकर बैठी दिख रही हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी डॉक्टर व कर्मचारी शामिल होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति होगी। सीएमओ डॉक्टर एनबी सिंह का कहना है कि सीएचसी में किसी भी निजी अस्पताल व क्लीनिक के एजेंट आने पर रोक है। कोई भी एजेंट वहां मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सभी जांच व इलाज की सुविधा सीएचसी में है।