मेरठ के सकौती में महाराजा सुरजमल की मुर्ती के लोकापर्ण कार्यक्रम में पहुंचे राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने जाट समाज के लोगों को एकजुट होने का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने भगवंत मान और संजीव बालियान की भी खूब तारीफ की। मुर्ती के नीचे लिखे जाट शब्द को हटाने को लेकर उन्होंने कहा कि अगर जाट शब्द हट गया तो प्रदेश का जाट योगी जी को हटा देगा। राजनैतिक रूप से कमजोर हुआ समाज हनुमान बेनीवाल ने कहा कि एक दौर था जिसमें चौधरी चरण सिंह के समय पर अगर अन्य लोगों से लोगों की जाती पूछते थे तो वह कहते थे हम उसी जाति से हैं जिससे चरण सिंह है अब वह लोग खुद को थोड़ा काम पसंद करते हैं जिसका कारण भी आप समझ सकते हो राजनीतिक रूप से हम कमजोर हुए हैं। हमारे पास 5 कैबिनेट के मंत्री, लोकसभा के अध्यक्ष, प्रधानमंत्री जैसे सब पद थे लेकिन आज सिर्फ देश में एक मात्र मुख्यमंत्री भगवंत मान ही हैं जो हमारे समाज से हैं। अग्निवीर का करेंगे विरोध
हनुमान बेनीवाल ने अग्निवीर भर्ती का विरोध करते हुए कहा कि इस देश में जो जाट रेजीमेंट, सिख रेजीमेंट रही है उनकी तारीफ अमेरिका तक ने भी की है। हमारे बच्चों में सेवा में जाने का जुनून होता था जो इसे खत्म हो गया है लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि राजस्थान से हम दिल्ली का घेराव करने लिए बढ़ेंगे और मुझे उम्मीद है कि संजीव बालियान भी हमारा समर्थन करेंगे। जिस से हम सेना की ठेका प्रक्रिया को बंद करने का काम करेंगे। संजीव बालियान में है अपनापन संजीव बालियान की तारीफ करते हुए उन्होंने राजस्थान चुनाव का उदहारण देते हुए कहा कि संजीव बालियान को नागौर का प्रभारी बन गया था लेकिन कुछ दिन काम करने के बाद में वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि मैं हनुमान बेनीवाल के खिलाफ काम नहीं कर पाऊंगा, बस यही एक अपनापन होता है जो हमारे बीच खत्म होता जा रहा है और इसी को हमें वापस लेकर आना है। हमारे समाज की कमी यह है कि हम किसी उच्च पद पर जाकर समाज को भूल जाते हैं। अंतर्जातीय शादियों से बिगड़ रहे DNA उन्होंने कहा कि हमे अंतर्जातीय शादियों का विरोध करना चाहिए। आज कल बढ़ती बीमारियों का एक कारण यह भी देखने को मिल रहा है। अगर कोई समाज का बच्चा लव मैरिज कर भी लेता है तो उसको कहीे और जाकर रहना शुरू कर देना चाहिए। इस दौरान पहुंचे लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने भी समाज के लोगों को एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया और इसके साथ ही उन्होंने अपने चुनाव के समय को याद करते हुए कुछ दर्द भी अपने लोगों के साथ साझा किया। ब्याज समेत लौटाएंगे अपमान का बदला उन्होंने मंच् से भावुक होते हुए कहा कि चुनाव में हार जीत कोई बड़ी बात नहीं होती है लेकिन जो अपना हुआ है बुरा सिर्फ उस बात का लगा है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे समाज से हैं किसी का कुछ उधार नहीं रखते हैं इसलिए मौका आने पर इस अपमान का बदला भी सूत समेत वापस जरूर देंगे। दोस्ती की भी करी चर्चा उन्होंने कहा कि मैं, भगवंत मान और हनुमान बैनीवाल सदन में दोस्त थे। आज मेरा एक दोस्त सांसद है, एक मुख्यमंत्री है और मेरे लोगों ने मुझे वापस कुटबा- कुटबी की गलियों में भेज दिया है कोई बात नहीं मैं इनके लिए फिर भी मेहता करता रहूंगा।