हरियाणा की कुरुक्षेत्र पुलिस ने ओड़िशा से अगवा हुए फाइनेंसर को किडनैपर्स के चंगुल से छुड़ा लिया है। साथ ही बंगाल पुलिस के साथ मिलकर किडनैपर दंपति को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दंपति ने फाइनेंसर को किडनैप करके 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। फाइनेंसर 23 मार्च को धार्मिक यात्रा पर निकले थे। लाडवा की रहने वाली मेघा रानी ने 26 मार्च को पुलिस को बताया था कि उसकी दो बहन हैं। एक पानीपत, तो दूसरी पंजाब में शादीशुदा है। उनकी मां की पहले ही मौत हो चुकी है और पिता अजीत वर्मा लाडवा में अकेले रहते थे। उनके पिता लाडवा में ही फाइनेंसर का काम करते हैं। धार्मिक यात्रा पर निकले उसके पिता अजीत वर्मा 23 मार्च धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए भुवनेश्वर (ओड़िशा) के लिए निकल गए थे। वे 25 मार्च को भुवनेश्वर पहुंच गए थे। यहां पहुंचने के कुछ ही देर बाद बदमाशों ने उसके पिता को किडनैप कर लिया। किडनैपर्स ने उसके पिता के मोबाइल से उसके पास फोन किया। व्हाट्सएप से कॉल कर मांगे 5 लाख किडनैपर्स ने व्हाट्सएप कॉल करके उसे धमकाया कि उसके पिता को किडनैप कर लिया है। अगर उसे छुड़वाना चाहते हो, तो 5 लाख रुपए दो। पैसे मिलने के बाद ही उसके पिता को छोड़ेंगे। साथ ही धमकाया कि अगर पुलिस को बताने की कोशिश की तो नतीजा अच्छा नहीं होगा। लाडवा में दर्ज हुई जीरो FIR थाना लाडवा के SHO गुरनाम सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लाडवा थाने में जीरो FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी। तुरंत पुलिस की विशेष टीम बनाई गई और उसे फ्लाइट से ओड़िशा रवाना कर दिया। कल लोकेशन ट्रैस करने पर पुलिस को पता चला कि अजीत वर्मा को किडनैपर्स ओड़िशा से पश्चिम बंगाल ले गए। टीम ने बंगाल पुलिस के साथ मिलकर कंबाइन ऑपरेशन में अजीत वर्मा को किडनैपर्स से सुरक्षित छुड़वा। बंगाल पुलिस के हवाले किए किडनैपर्स टीम ने किडनैपर्स को बंगाल पुलिस के हवाले कर दिया। आगे की कार्रवाई बंगाल पुलिस कर रही है। कुरुक्षेत्र पुलिस की टीम फाइनेंसर अजीत वर्मा को अपने साथ लेकर कुरुक्षेत्र लेकर आ रही है।