मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। यहां बाबा के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने मंदिर की SOP को समझा। मंदिर के सीईओ ने बताया- हमारे यहां 115 विग्रह है, जिसमें 14 प्रधान महादेव हैं। हमने उनके रुद्राभिषेक और उसके महत्व के बारे में डिजिटल और बुकलेट के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है। लोग यहां पर रुद्राभिषेक करते हैं। इससे भीड़ अलग-अलग जगह पर डायवर्ट हो जाती है। सीएम मोहन यादव ने कहा- पहले बाबा विश्वनाथ धाम बना। फिर महाकाल का महालोक बना। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का संबंध तो भगवान राम और कृष्ण के काल से गहरा है। भगवान राम जब वन के लिए गए तो चित्रकूट में 11 साल का समय गुजारा। भगवान कृष्ण भी कंस का वध करके उज्जैन संदीपनी ऋषि के आश्रम में पहुंचे। दरअसल, 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ मेला का आयोजन होना है। प्रत्येक 12 साल में शिप्रा नदी के तट पर होने वाले इस आयोजन को लेकर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु जुड़ते हैं। इन्हीं सब तैयारियों को लेकर सीएम यादव काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर के एसओपी के बारे में उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली, ताकि इन महत्वपूर्ण जानकारी से सिंहस्थ कुंभ को सफल बनाया जा सके। मोहन यादव ने कहा- प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आने का मौका मिला है। बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया। तस्वीरें देखिए… सीएम मोहन यादव के कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…