मानसा में 36 घंटे बाद फिर बारिश और ओलावृष्टि:किसानों की चिंता बढ़ी, 30 से 60 प्रतिशत फसल खराब; मुआवजे की मांग तेज

मानसा जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। लगभग 36 घंटे बाद दोबारा हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर सरदूलगढ़ क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन खराब मौसम के कारण फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। बीते दिन भी सरदूलगढ़ में ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान हुआ था। कई खेतों में पकी हुई गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है। दोबारा हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि उनकी फसलों को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से किसी मुआवजे का ऐलान नहीं किया गया है। किसानों के अनुसार, उनकी 30 से 60 प्रतिशत तक फसल खराब हो चुकी है। उन्होंने पंजाब सरकार से जल्द मुआवजा जारी करने की मांग की है। शिरोमणि अकाली दल के जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह सोढ़ी ने बताया कि सरदूलगढ़ हलके के सरदूलेवाला, झंडा खुर्द और संघा सहित कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत प्रदान करने की अपील की। लाल चंद बोले- 60% सब्जियों को नुकसान हुआ वहीं, कामरेड लाल चंद ने जानकारी दी कि मीरपुर कलां, मीरपुर खुर्द, टिब्बी और झंडा कलां सहित आसपास के गांवों में गेहूं की फसल को लगभग 30 प्रतिशत और सब्जियों को 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। उन्होंने बिना गिरदावरी के तुरंत मुआवजा देने की मांग की, ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। मुख्य कृषि अधिकारी हरविंदर सिंह सिद्धू ने भी नुकसान की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को व्यापक क्षति हुई है। सिद्धू ने बताया कि फसल गिरने से कटाई में देरी होगी और मंडियों में अनाज भी देर से पहुंचेगा। लगातार खराब हो रहे मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब उनकी नजरें सरकार द्वारा घोषित की जाने वाली राहत पर टिकी हुई हैं।

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