आठ लाख रुपए तक आय वाले परिवार अबकी बार अरमान संजोए थे कि उनके बच्चे भी निजी स्कूलों में पढ़ेंगे, लेकिन यह अरमान पूरे नहीं हो पाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से पहले से जारी किया गया निर्देश वापस हो गया है। इसके तहत आठ लाख रुपए तक की सालाना आय वालों के बच्चे भी चिराग योजना का लाभ ले सकते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब महज 1.80 लाख रुपए की आय वाले व्यक्तियों के बच्चे ही लाभ ले पाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से इस संदर्भ में ताजा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह एडमिशन भी 1 से 15 अप्रैल तक होंगे। मौलिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश जारी कर दिए हैं। अब कहा गया कि पहले से दिए गए निर्देश वापस लिए जाते हैं और अब 1.80 लाख रुपए की सालाना आय वाले परिवारों के बच्चे ही मुख्यमंत्री हरियाणा समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान स्कीम (चिराग) योजना का लाभ ले पाएंगे। ऐन वक्त पर बदला फैसला, लोग परेशान अभिभावकों को स्कूलों का चयन करने के लिए 30 मार्च 2026 तक का समय दिया गया था। बड़ी संख्या में 8 लाख रुपए तक की आय वाले परिवारों ने इस उम्मीद में स्कूलों का चुनाव कर लिया था कि उनके बच्चे भी निजी स्कूलों में मुफ्त पढ़ सकेंगे, लेकिन अब आवेदन की अंतिम तिथि के पास आकर सरकार के इस यू-टर्न ने उन्हें मझधार में छोड़ दिया है। नामांकन में अफरा-तफरी मचेगी: चूंकि एडमिशन की प्रक्रिया 1 से 15 अप्रैल तक होनी है, ऐन वक्त पर नियम बदलने से अभिभावकों में भारी भ्रम और निराशा पैदा होगी। 8 लाख तक की आय वाले परिवारों के लिए अच्छे निजी स्कूलों की भारी-भरकम फीस चुकाना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। इससे निजी स्कूलों में आरक्षित सीटें खाली रहने की संभावना बढ़ सकती है। इस फैसले के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारी कुछ नहीं बता पाए। अब ये स्टूडेंट्स होंगे पात्र {योजना 6 से 12 कक्षा तक लागू होगी। {योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा, जिन्होंने गत शैक्षणिक सत्र में अपनी शिक्षा सरकारी विद्यालय से प्राप्त की हो। किस जिले में कितनी सीटें जिला खाली सीटें अम्बाला 1,122 भिवानी 4,367 चरखी दादरी 902 फरीदाबाद 698 फतेहाबाद 2,219 गुरुग्राम 461 हिसार 7,149 झज्जर 1,489 जींद 3,005 कैथल 3,776 करनाल 2,301 कुरुक्षेत्र 2,126 महेंद्रगढ़ 1,552 नूंह/मेवात 2,039 पलवल 1,887 पंचकूला 149 पानीपत 3,153 रेवाड़ी 699 रोहतक 1,053 सिरसा 3,312 सोनीपत 2,180 यमुनानगर 1,616 कुल योग 47,255 मौलिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश जारी कर दिए हैं। अब कहा गया कि पहले से दिए गए निर्देश वापस लिए जाते हैं और अब 1.80 लाख रुपए की सालाना आय वाले परिवारों के बच्चे ही मुख्यमंत्री हरियाणा समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान स्कीम (चिराग) योजना का लाभ ले पाएंगे। पत्र में कहा गया है कि 28 जनवरी को जारी निर्देशों के तहत जिन छात्रों के अभिभावकों की आय आठ लाख रुपए तक की गई थी, उसे वापस लेते हुए 11 मई 2022 के दृष्टिगत निम्न संशोधन किया जाता है कि प्राइवेट मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के जिन छात्रों के अभिभावकों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए या उससे कम होगी, उन्हीं छात्रों को पात्र माना जाएगा।