चंडीगढ़| पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सुरक्षा के नाम पर किसी एक इलाके में मोबाइल टावर लगाने पर रोक नहीं लगाई जा सकती, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में ऐसे टावर लगे हों। कोर्ट ने कहा कि सभी निवासी समान हैं। कोर्ट ने फरीदाबाद में मोबाइल टावर लगाने की अनुमति रद्द करने के आदेश को खारिज कर दिया। यह अनुमति स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद वापस ली गई थी। कोर्ट ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अथॉरिटी ने कुछ निवासियों के दबाव या अन्य कारणों से पहले दी गई अनुमति को रद्द करने की सिफारिश की। हाईकोर्ट का फैसला… कोर्ट ने कहा कि राज्यभर में जहां जहां मोबाइल टावर लगे हैं, वहां के निवासियों की सेहत और इस इलाके के निवासियों की सेहत में कोई अंतर नहीं है। ऐसे में 2 जुलाई 2025 का अनुमति रद्द करने का आदेश कानून के अनुरूप नहीं है और इसे निरस्त किया जाता है। फैसले में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी नीतियों के तहत होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर फैसले स्थानीय दबाव के आधार पर बदले नहीं जा सकते। जनहित के नाम पर चुनिंदा तरीके से कार्रवाई करना स्वीकार्य नहीं है।